पंचांग · गुरुवार, 21 अप्रैल 2022जयपुर

चैत्र · कृष्ण पंचमी · विक्रम संवत 2079

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:57सूर्योदय18:54सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण पंचमी
कृष्ण · 11:12 तक
नक्षत्र
मूल
21:51 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:5718:54
गुरुवार · गुरु
राहु काल
14:03 –15:40
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:57दिन18:54
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
अमृत काल
यमगंड
गुलिक काल
राहु काल
गंड मूल
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
08:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:54रात05:57
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
गंड मूल
वर्ज्य
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण पंचमी
    11:12 तक
  2. कृष्ण षष्ठी
    08:42, 22 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. मूलस्वामी केतु
    21:51 तक
  2. पूर्वाषाढ़ास्वामी शुक्र
    20:14, 22 अप्रैल तक
योग
  1. परिघ
    10:21 तक
  2. शिव
    07:11, 22 अप्रैल तक
करण
  1. तैतिल
    11:12 तक
  2. गर
    21:56 तक
  3. वणिज
    08:42, 22 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:57
बिंब मध्य 06:01
सूर्यास्त
18:54
बिंब मध्य 18:50
चंद्रोदय
—
चंद्रास्त
09:30
दिनमान
12h 57m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
धनु
01:52, 23 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2079
शक संवत
1944

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:29 –05:13
  • प्रातः संध्या04:51 –05:57
  • अभिजित मुहूर्त12:00 –12:52
  • विजय मुहूर्त14:35 –15:27
  • गोधूलि मुहूर्त18:54 –19:16
  • सायाह्न संध्या18:54 –20:00
  • निशीथ मुहूर्त00:03 –00:47, 22 अप्रैल
  • अमृत काल15:57 –17:25
इन समयों से बचें
  • राहु काल14:03 –15:40
  • यमगंड05:57 –07:35
  • गुलिक काल09:12 –10:49
  • दुर्मुहूर्त10:16 –11:08
  • दुर्मुहूर्त15:27 –16:19
  • वर्ज्य20:23 –21:51
  • गंड मूल05:57 –21:51

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभशुभ05:57 – 07:35
  • रोगअनिष्ट07:35 – 09:12
  • उद्वेगअशुभ09:12 – 10:49
  • चरसम10:49 – 12:26
  • लाभलाभ12:26 – 14:03
  • अमृतश्रेष्ठ14:03 – 15:40
  • कालहानि15:40 – 17:17
  • शुभशुभ17:17 – 18:54
रात
  • अमृतश्रेष्ठ18:54 – 20:17
  • चरसम20:17 – 21:40
  • रोगअनिष्ट21:40 – 23:03
  • कालहानि23:03 – 00:25
  • लाभलाभ00:25 – 01:48
  • उद्वेगअशुभ01:48 – 03:11
  • शुभशुभ03:11 – 04:34
  • अमृतश्रेष्ठ04:34 – 05:57

होरा

दिन
ग्रहसमय
गुरु05:57–07:02
मंगल07:02–08:07
सूर्य08:07–09:12
शुक्र09:12–10:16
बुध10:16–11:21
चन्द्र11:21–12:26
शनि12:26–13:31
गुरु13:31–14:35
मंगल14:35–15:40
सूर्य15:40–16:45
शुक्र16:45–17:49
बुध17:49–18:54
रात
ग्रहसमय
चन्द्र18:54–19:49
शनि19:49–20:45
गुरु20:45–21:40
मंगल21:40–22:35
सूर्य22:35–23:30
शुक्र23:30–00:25
बुध00:25–01:21
चन्द्र01:21–02:16
शनि02:16–03:11
गुरु03:11–04:06
मंगल04:06–05:01
सूर्य05:01–05:57

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • मूल 2 पद10:45 तक
  • मूल 3 पद16:18 तक
  • मूल 4 पद21:51 तक
  • पूर्वाषाढ़ा 1 पद03:26, 22 अप्रैल तक
  • पूर्वाषाढ़ा 2 पद09:01, 22 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
अश्विनी 3 पद
ऋतु (दृक्)
ग्रीष्म
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 57m
रात्रिमान
11h 3m
मध्याह्न
12:26

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
धनु · अगले सूर्योदय तक
मिथुनकर्कतुलाधनुकुम्भमीन
वृषभ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
मूल · 21:51 तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
पूर्वाषाढ़ा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
पूर्व
अग्निवास
पाताल · 11:12 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
नंदी पर · 11:12 तकभोजन में
होमाहुति
गुरु

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:57 –07:17
  • मृत्यु पंचक07:17 –09:14
  • अग्नि पंचक09:14 –11:12
  • शुभ मुहूर्त11:12 –11:28
  • राज पंचक11:28 –13:47
  • शुभ मुहूर्त13:47 –16:02
  • चोर पंचक16:02 –18:17
  • शुभ मुहूर्त18:17 –20:35
  • रोग पंचक20:35 –21:51
  • शुभ मुहूर्त21:51 –22:52
  • मृत्यु पंचक22:52 –00:57, 22 अप्रैल
  • अग्नि पंचक00:57 –02:41, 22 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त02:41 –04:10, 22 अप्रैल
  • राज पंचक04:10 –05:36, 22 अप्रैल
  • अग्नि पंचक05:36 –05:57, 22 अप्रैल

उदय लग्न

  • मेष05:40 –07:17
  • वृषभ07:17 –09:14
  • मिथुन09:14 –11:28
  • कर्क11:28 –13:47
  • सिंह13:47 –16:02
  • कन्या16:02 –18:17
  • तुला18:17 –20:35
  • वृश्चिक20:35 –22:52
  • धनु22:52 –00:57, 22 अप्रैल
  • मकर00:57 –02:41, 22 अप्रैल
  • कुम्भ02:41 –04:10, 22 अप्रैल
  • मीन04:10 –05:36, 22 अप्रैल
  • मेष05:36 –07:13, 22 अप्रैल

पंचांग · जयपुर, 21 अप्रैल 2022

गुरुवार, 21 अप्रैल 2022 को जयपुर में सूर्योदय 05:57 और सूर्यास्त 18:54 पर है। तिथि कृष्ण पंचमी 11:12 तक, फिर कृष्ण षष्ठी; नक्षत्र मूल 21:51 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा; योग परिघ 10:21 तक, फिर शिव; करण तैतिल 11:12 तक, फिर गर। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 14:03–15:40, अभिजित मुहूर्त 12:00–12:52। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2079, शक संवत 1944।

इस दिन के बारे में प्रश्न

जयपुर में 21 अप्रैल 2022 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण पंचमी 11:12 तक, फिर कृष्ण षष्ठी (सूर्योदय 05:57, जयपुर)।

21 अप्रैल 2022 को कौन सा नक्षत्र है?

मूल 21:51 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा। चंद्रमा धनु राशि में 23 अप्रैल 01:52 तक।

जयपुर में 21 अप्रैल 2022 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 14:03–15:40, यमगण्ड 05:57–07:35, गुलिक काल 09:12–10:49।

जयपुर में 21 अप्रैल 2022 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:57, सूर्यास्त 18:54 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

21 अप्रैल 2022 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:00–12:52, ब्रह्म मुहूर्त 04:29–05:13। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

जयपुर हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2022आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2022मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1686° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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