पंचांग · शनिवार, 9 अक्टूबर 2021जयपुर

आश्विन · शुक्ल तृतीया · विक्रम संवत 2078

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:23सूर्योदय18:05सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल तृतीया
शुक्ल · 07:49 तक
नक्षत्र
विशाखा
16:47 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:2318:05
शनिवार · शनि
राहु काल
09:19 –10:46
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:23दिन18:05
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
अमृत काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:05रात06:24
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
भद्रा
वर्ज्य
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल तृतीया
    07:49 तक
  2. शुक्ल चतुर्थी
    04:55, 10 अक्टू॰ तक
  3. शुक्ल पंचमी
    02:14, 11 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. विशाखास्वामी गुरु
    16:47 तक
  2. अनुराधास्वामी शनि
    14:44, 10 अक्टू॰ तक
योग
  1. प्रीति
    18:29 तक
  2. आयुष्मान्
    15:03, 10 अक्टू॰ तक
करण
  1. गर
    07:49 तक
  2. वणिज
    18:21 तक
  3. विष्टि
    04:55, 10 अक्टू॰ तक
  4. बव
    15:33, 10 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:23
बिंब मध्य 06:26
सूर्यास्त
18:05
बिंब मध्य 18:00
चंद्रोदय
09:15
चंद्रास्त
20:20
दिनमान
11h 42m
वार
शनिवार · शनि
चंद्र राशि
तुला
11:19 तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2078
शक संवत
1943

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:45 –05:34
  • प्रातः संध्या05:09 –06:23
  • अभिजित मुहूर्त11:51 –12:37
  • विजय मुहूर्त14:11 –14:58
  • गोधूलि मुहूर्त18:05 –18:29
  • सायाह्न संध्या18:05 –19:19
  • निशीथ मुहूर्त23:50 –00:39, 10 अक्टू॰
  • अमृत काल08:47 –10:15
  • अमृत काल05:13 –06:41, 10 अक्टू॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल09:19 –10:46
  • यमगंड13:42 –15:09
  • गुलिक काल06:23 –07:51
  • दुर्मुहूर्त06:23 –07:10
  • दुर्मुहूर्त07:10 –07:57
  • वर्ज्य20:27 –21:54
  • भद्रा18:21 –04:55, 10 अक्टू॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • कालहानि06:23 – 07:51
  • शुभशुभ07:51 – 09:19
  • रोगअनिष्ट09:19 – 10:46
  • उद्वेगअशुभ10:46 – 12:14
  • चरसम12:14 – 13:42
  • लाभलाभ13:42 – 15:09
  • अमृतश्रेष्ठ15:09 – 16:37
  • कालहानि16:37 – 18:05
रात
  • लाभलाभ18:05 – 19:37
  • उद्वेगअशुभ19:37 – 21:09
  • शुभशुभ21:09 – 22:42
  • अमृतश्रेष्ठ22:42 – 00:14
  • चरसम00:14 – 01:47
  • रोगअनिष्ट01:47 – 03:19
  • कालहानि03:19 – 04:51
  • लाभलाभ04:51 – 06:24

होरा

दिन
ग्रहसमय
शनि06:23–07:22
गुरु07:22–08:20
मंगल08:20–09:19
सूर्य09:19–10:17
शुक्र10:17–11:15
बुध11:15–12:14
चन्द्र12:14–13:12
शनि13:12–14:11
गुरु14:11–15:09
मंगल15:09–16:08
सूर्य16:08–17:06
शुक्र17:06–18:05
रात
ग्रहसमय
बुध18:05–19:06
चन्द्र19:06–20:08
शनि20:08–21:09
गुरु21:09–22:11
मंगल22:11–23:13
सूर्य23:13–00:14
शुक्र00:14–01:16
बुध01:16–02:17
चन्द्र02:17–03:19
शनि03:19–04:21
गुरु04:21–05:22
मंगल05:22–06:24

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • विशाखा 3 पद11:19 तक
  • विशाखा 4 पद16:47 तक
  • अनुराधा 1 पद22:15 तक
  • अनुराधा 2 पद03:44, 10 अक्टू॰ तक
  • अनुराधा 3 पद09:14, 10 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
हस्त 4 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 42m
रात्रिमान
12h 19m
मध्याह्न
12:14

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
तुला · 11:19 तक
मेषवृषभसिंहतुलाधनुमकर
मीन राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
वृश्चिक · अगले सूर्योदय तक
वृषभमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
मेष राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
विशाखा · 16:47 तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
अनुराधा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पूर्व
चंद्र वास
पश्चिम · 11:19 तकउत्तर
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 07:49 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 04:55, 10 अक्टू॰ तकआकाश
शिववास
सभा में · 07:49 तकक्रीड़ा में · 04:55, 10 अक्टू॰ तककैलाश पर
होमाहुति
बुध

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त06:23 –07:03
  • चोर पंचक07:03 –07:49
  • शुभ मुहूर्त07:49 –09:21
  • रोग पंचक09:21 –11:39
  • शुभ मुहूर्त11:39 –13:43
  • मृत्यु पंचक13:43 –15:27
  • अग्नि पंचक15:27 –16:47
  • शुभ मुहूर्त16:47 –16:56
  • राज पंचक16:56 –18:23
  • अग्नि पंचक18:23 –20:00
  • शुभ मुहूर्त20:00 –21:56
  • राज पंचक21:56 –00:11, 10 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त00:11 –02:30, 10 अक्टू॰
  • चोर पंचक02:30 –04:45, 10 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त04:45 –04:55, 10 अक्टू॰
  • रोग पंचक04:55 –06:24, 10 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या04:49 –07:03
  • तुला07:03 –09:21
  • वृश्चिक09:21 –11:39
  • धनु11:39 –13:43
  • मकर13:43 –15:27
  • कुम्भ15:27 –16:56
  • मीन16:56 –18:23
  • मेष18:23 –20:00
  • वृषभ20:00 –21:56
  • मिथुन21:56 –00:11, 10 अक्टू॰
  • कर्क00:11 –02:30, 10 अक्टू॰
  • सिंह02:30 –04:45, 10 अक्टू॰
  • कन्या04:45 –07:00, 10 अक्टू॰

पंचांग · जयपुर, 9 अक्टूबर 2021

शनिवार, 9 अक्टूबर 2021 को जयपुर में सूर्योदय 06:23 और सूर्यास्त 18:05 पर है। तिथि शुक्ल तृतीया 07:49 तक, फिर शुक्ल चतुर्थी; नक्षत्र विशाखा 16:47 तक, फिर अनुराधा; योग प्रीति 18:29 तक, फिर आयुष्मान्; करण गर 07:49 तक, फिर वणिज। चंद्रमा तुला राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 09:19–10:46, अभिजित मुहूर्त 11:51–12:37। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2078, शक संवत 1943।

इस दिन के बारे में प्रश्न

जयपुर में 9 अक्टूबर 2021 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल तृतीया 07:49 तक, फिर शुक्ल चतुर्थी (सूर्योदय 06:23, जयपुर)।

9 अक्टूबर 2021 को कौन सा नक्षत्र है?

विशाखा 16:47 तक, फिर अनुराधा। चंद्रमा तुला राशि में 11:19 तक।

जयपुर में 9 अक्टूबर 2021 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 09:19–10:46, यमगण्ड 13:42–15:09, गुलिक काल 06:23–07:51।

जयपुर में 9 अक्टूबर 2021 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:23, सूर्यास्त 18:05, चंद्रोदय 09:15 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

9 अक्टूबर 2021 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:51–12:37, ब्रह्म मुहूर्त 04:45–05:34। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

जयपुर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2021आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2021मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1612° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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