पंचांग · सोमवार, 4 अक्टूबर 2021जयपुर

भाद्रपद · कृष्ण त्रयोदशी · विक्रम संवत 2078सोम प्रदोष

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:21सूर्योदय18:10सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी
कृष्ण · 21:05 तक
नक्षत्र
पूर्व फाल्गुनी
02:35, 5 अक्टू॰ तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:2118:10
सोमवार · चन्द्र
राहु काल
07:49 –09:18
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:21दिन18:10
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
राहु काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
वर्ज्य
गुलिक काल
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:10रात06:21
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
भद्रा
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण त्रयोदशी
    21:05 तक
  2. कृष्ण चतुर्दशी
    19:04, 5 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. पूर्व फाल्गुनीस्वामी शुक्र
    02:35, 5 अक्टू॰ तक
  2. उत्तर फाल्गुनीस्वामी सूर्य
    01:10, 6 अक्टू॰ तक
योग
  1. शुभ
    14:12 तक
  2. शुक्ल
    11:35, 5 अक्टू॰ तक
करण
  1. गर
    09:53 तक
  2. वणिज
    21:05 तक
  3. विष्टि
    08:09, 5 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:21
बिंब मध्य 06:24
सूर्यास्त
18:10
बिंब मध्य 18:06
चंद्रोदय
03:53
चंद्रास्त
17:08
दिनमान
11h 49m
वार
सोमवार · चन्द्र
चंद्र राशि
सिंह
08:17, 5 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
भाद्रपद
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वर्षा
विक्रम संवत
2078
शक संवत
1943

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:43 –05:32
  • प्रातः संध्या05:08 –06:21
  • अभिजित मुहूर्त11:52 –12:39
  • विजय मुहूर्त14:14 –15:01
  • गोधूलि मुहूर्त18:10 –18:34
  • सायाह्न संध्या18:10 –19:23
  • निशीथ मुहूर्त23:51 –00:40, 5 अक्टू॰
  • अमृत काल20:25 –21:57
इन समयों से बचें
  • राहु काल07:49 –09:18
  • यमगंड10:47 –12:15
  • गुलिक काल13:44 –15:13
  • दुर्मुहूर्त12:39 –13:26
  • दुर्मुहूर्त15:01 –15:48
  • वर्ज्य11:09 –12:42
  • भद्रा21:05 –06:21, 5 अक्टू॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • अमृतश्रेष्ठ06:21 – 07:49
  • कालहानि07:49 – 09:18
  • शुभशुभ09:18 – 10:47
  • रोगअनिष्ट10:47 – 12:15
  • उद्वेगअशुभ12:15 – 13:44
  • चरसम13:44 – 15:13
  • लाभलाभ15:13 – 16:41
  • अमृतश्रेष्ठ16:41 – 18:10
रात
  • चरसम18:10 – 19:41
  • रोगअनिष्ट19:41 – 21:13
  • कालहानि21:13 – 22:44
  • लाभलाभ22:44 – 00:16
  • उद्वेगअशुभ00:16 – 01:47
  • शुभशुभ01:47 – 03:18
  • अमृतश्रेष्ठ03:18 – 04:50
  • चरसम04:50 – 06:21

होरा

दिन
ग्रहसमय
चन्द्र06:21–07:20
शनि07:20–08:19
गुरु08:19–09:18
मंगल09:18–10:17
सूर्य10:17–11:16
शुक्र11:16–12:15
बुध12:15–13:14
चन्द्र13:14–14:14
शनि14:14–15:13
गुरु15:13–16:12
मंगल16:12–17:11
सूर्य17:11–18:10
रात
ग्रहसमय
शुक्र18:10–19:11
बुध19:11–20:12
चन्द्र20:12–21:13
शनि21:13–22:14
गुरु22:14–23:15
मंगल23:15–00:16
सूर्य00:16–01:17
शुक्र01:17–02:17
बुध02:17–03:18
चन्द्र03:18–04:19
शनि04:19–05:20
गुरु05:20–06:21

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पूर्व फाल्गुनी 1 पद09:17 तक
  • पूर्व फाल्गुनी 2 पद15:05 तक
  • पूर्व फाल्गुनी 3 पद20:52 तक
  • पूर्व फाल्गुनी 4 पद02:35, 5 अक्टू॰ तक
  • उत्तर फाल्गुनी 1 पद08:17, 5 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
हस्त 3 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
वर्षा
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 49m
रात्रिमान
12h 11m
मध्याह्न
12:15

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
सिंह · अगले सूर्योदय तक
मिथुनसिंहतुलावृश्चिककुम्भमीन
मकर राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पूर्व फाल्गुनी · 02:35, 5 अक्टू॰ तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
उत्तर फाल्गुनी · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
चंद्र वास
पूर्व
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 21:05 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
भोजन में · 21:05 तकश्मशान में
होमाहुति
केतु

पंचक रहित मुहूर्त

  • अग्नि पंचक06:21 –07:23
  • शुभ मुहूर्त07:23 –09:41
  • राज पंचक09:41 –11:59
  • शुभ मुहूर्त11:59 –14:03
  • चोर पंचक14:03 –15:47
  • शुभ मुहूर्त15:47 –17:16
  • रोग पंचक17:16 –18:43
  • चोर पंचक18:43 –20:20
  • शुभ मुहूर्त20:20 –21:05
  • रोग पंचक21:05 –22:16
  • शुभ मुहूर्त22:16 –00:30, 5 अक्टू॰
  • मृत्यु पंचक00:30 –02:35, 5 अक्टू॰
  • अग्नि पंचक02:35 –02:49, 5 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त02:49 –05:05, 5 अक्टू॰
  • राज पंचक05:05 –06:21, 5 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या05:09 –07:23
  • तुला07:23 –09:41
  • वृश्चिक09:41 –11:59
  • धनु11:59 –14:03
  • मकर14:03 –15:47
  • कुम्भ15:47 –17:16
  • मीन17:16 –18:43
  • मेष18:43 –20:20
  • वृषभ20:20 –22:16
  • मिथुन22:16 –00:30, 5 अक्टू॰
  • कर्क00:30 –02:49, 5 अक्टू॰
  • सिंह02:49 –05:05, 5 अक्टू॰
  • कन्या05:05 –07:19, 5 अक्टू॰

पंचांग · जयपुर, 4 अक्टूबर 2021

सोमवार, 4 अक्टूबर 2021 को जयपुर में सूर्योदय 06:21 और सूर्यास्त 18:10 पर है। तिथि कृष्ण त्रयोदशी 21:05 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी; नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी 5 अक्टूबर 02:35 तक, फिर उत्तर फाल्गुनी; योग शुभ 14:12 तक, फिर शुक्ल; करण गर 09:53 तक, फिर वणिज। चंद्रमा सिंह राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 07:49–09:18, अभिजित मुहूर्त 11:52–12:39। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2078, शक संवत 1943।

इस दिन के बारे में प्रश्न

जयपुर में 4 अक्टूबर 2021 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण त्रयोदशी 21:05 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी (सूर्योदय 06:21, जयपुर)।

4 अक्टूबर 2021 को कौन सा नक्षत्र है?

पूर्व फाल्गुनी 5 अक्टूबर 02:35 तक, फिर उत्तर फाल्गुनी। चंद्रमा सिंह राशि में 5 अक्टूबर 08:17 तक।

जयपुर में 4 अक्टूबर 2021 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 07:49–09:18, यमगण्ड 10:47–12:15, गुलिक काल 13:44–15:13।

जयपुर में 4 अक्टूबर 2021 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:21, सूर्यास्त 18:10, चंद्रोदय 03:53 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

4 अक्टूबर 2021 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:52–12:39, ब्रह्म मुहूर्त 04:43–05:32। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

4 अक्टूबर 2021 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

सोम प्रदोष।

जयपुर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2021आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2021मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1610° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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