पंचांग · शनिवार, 2 अक्टूबर 2021जयपुर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण एकादशी23:11 तक
- कृष्ण द्वादशी22:30, 3 अक्टू॰ तक
- अश्लेषास्वामी बुध03:35, 3 अक्टू॰ तक
- मघास्वामी केतु03:26, 4 अक्टू॰ तक
- सिद्ध17:47 तक
- साध्य16:17, 3 अक्टू॰ तक
- बव11:13 तक
- बालव23:11 तक
- कौलव10:56, 3 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:20बिंब मध्य 06:23
- सूर्यास्त
- 18:12बिंब मध्य 18:08
- चंद्रोदय
- 01:52
- चंद्रास्त
- 15:51
- दिनमान
- 11h 52m
- वार
- शनिवार · शनि
- चंद्र राशि
- कर्क03:35, 3 अक्टू॰ तक
- सूर्य राशि
- कन्या
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- भाद्रपद
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वर्षा
- विक्रम संवत
- 2078
- शक संवत
- 1943
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:43 –05:31
- प्रातः संध्या05:07 –06:20
- अभिजित मुहूर्त11:52 –12:40
- विजय मुहूर्त14:15 –15:02
- गोधूलि मुहूर्त18:12 –18:36
- सायाह्न संध्या18:12 –19:25
- निशीथ मुहूर्त23:52 –00:40, 3 अक्टू॰
- अमृत काल01:56 –03:35, 3 अक्टू॰
- राहु काल09:18 –10:47
- यमगंड13:45 –15:14
- गुलिक काल06:20 –07:49
- दुर्मुहूर्त06:20 –07:07
- दुर्मुहूर्त07:07 –07:55
- वर्ज्य16:05 –17:44
- गंड मूल06:20 –03:35, 3 अक्टू॰
- गंड मूल03:35 –06:20, 3 अक्टू॰
चौघड़िया
- कालहानि06:20 – 07:49
- शुभशुभ07:49 – 09:18
- रोगअनिष्ट09:18 – 10:47
- उद्वेगअशुभ10:47 – 12:16
- चरसम12:16 – 13:45
- लाभलाभ13:45 – 15:14
- अमृतश्रेष्ठ15:14 – 16:43
- कालहानि16:43 – 18:12
- लाभलाभ18:12 – 19:43
- उद्वेगअशुभ19:43 – 21:14
- शुभशुभ21:14 – 22:45
- अमृतश्रेष्ठ22:45 – 00:16
- चरसम00:16 – 01:47
- रोगअनिष्ट01:47 – 03:18
- कालहानि03:18 – 04:49
- लाभलाभ04:49 – 06:20
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 06:20–07:19 |
| गुरु | 07:19–08:19 |
| मंगल | 08:19–09:18 |
| सूर्य | 09:18–10:17 |
| शुक्र | 10:17–11:17 |
| बुध | 11:17–12:16 |
| चन्द्र | 12:16–13:15 |
| शनि | 13:15–14:15 |
| गुरु | 14:15–15:14 |
| मंगल | 15:14–16:13 |
| सूर्य | 16:13–17:13 |
| शुक्र | 17:13–18:12 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 18:12–19:13 |
| चन्द्र | 19:13–20:14 |
| शनि | 20:14–21:14 |
| गुरु | 21:14–22:15 |
| मंगल | 22:15–23:16 |
| सूर्य | 23:16–00:16 |
| शुक्र | 00:16–01:17 |
| बुध | 01:17–02:18 |
| चन्द्र | 02:18–03:18 |
| शनि | 03:18–04:19 |
| गुरु | 04:19–05:20 |
| मंगल | 05:20–06:20 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- अश्लेषा 1 पद09:11 तक
- अश्लेषा 2 पद15:22 तक
- अश्लेषा 3 पद21:30 तक
- अश्लेषा 4 पद03:35, 3 अक्टू॰ तक
- मघा 1 पद09:37, 3 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- हस्त 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- वर्षा
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 52m
- रात्रिमान
- 12h 8m
- मध्याह्न
- 12:16
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पूर्व
- चंद्र वास
- उत्तर · 03:35, 3 अक्टू॰ तकपूर्व
- अग्निवास
- पाताल · 23:11 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- कैलाश पर · 23:11 तकनंदी पर
- होमाहुति
- राहु
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:20 –07:31
- राज पंचक07:31 –09:49
- शुभ मुहूर्त09:49 –12:07
- चोर पंचक12:07 –14:11
- शुभ मुहूर्त14:11 –15:55
- रोग पंचक15:55 –17:24
- शुभ मुहूर्त17:24 –20:27
- रोग पंचक20:27 –22:24
- शुभ मुहूर्त22:24 –23:11
- मृत्यु पंचक23:11 –00:38, 3 अक्टू॰
- अग्नि पंचक00:38 –02:57, 3 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त02:57 –03:35, 3 अक्टू॰
- राज पंचक03:35 –05:13, 3 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त05:13 –06:20, 3 अक्टू॰
उदय लग्न
- कन्या05:16 –07:31
- तुला07:31 –09:49
- वृश्चिक09:49 –12:07
- धनु12:07 –14:11
- मकर14:11 –15:55
- कुम्भ15:55 –17:24
- मीन17:24 –18:51
- मेष18:51 –20:27
- वृषभ20:27 –22:24
- मिथुन22:24 –00:38, 3 अक्टू॰
- कर्क00:38 –02:57, 3 अक्टू॰
- सिंह02:57 –05:13, 3 अक्टू॰
- कन्या05:13 –07:27, 3 अक्टू॰
पंचांग · जयपुर, 2 अक्टूबर 2021
शनिवार, 2 अक्टूबर 2021 को जयपुर में सूर्योदय 06:20 और सूर्यास्त 18:12 पर है। तिथि कृष्ण एकादशी 23:11 तक, फिर कृष्ण द्वादशी; नक्षत्र अश्लेषा 3 अक्टूबर 03:35 तक, फिर मघा; योग सिद्ध 17:47 तक, फिर साध्य; करण बव 11:13 तक, फिर बालव। चंद्रमा कर्क राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 09:18–10:47, अभिजित मुहूर्त 11:52–12:40। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2078, शक संवत 1943।
इस दिन के बारे में प्रश्न
जयपुर में 2 अक्टूबर 2021 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण एकादशी 23:11 तक, फिर कृष्ण द्वादशी (सूर्योदय 06:20, जयपुर)।
2 अक्टूबर 2021 को कौन सा नक्षत्र है?
अश्लेषा 3 अक्टूबर 03:35 तक, फिर मघा। चंद्रमा कर्क राशि में 3 अक्टूबर 03:35 तक।
जयपुर में 2 अक्टूबर 2021 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 09:18–10:47, यमगण्ड 13:45–15:14, गुलिक काल 06:20–07:49।
जयपुर में 2 अक्टूबर 2021 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:20, सूर्यास्त 18:12, चंद्रोदय 01:52 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
2 अक्टूबर 2021 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:52–12:40, ब्रह्म मुहूर्त 04:43–05:31। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
2 अक्टूबर 2021 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
इंदिरा एकादशी।
जयपुर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2021आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2021मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1609° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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