पंचांग · मंगलवार, 30 अक्टूबर 2029हरिद्वार
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण अष्टमी04:54, 31 अक्टू॰ तक
- कृष्ण नवमी04:03, 1 नव॰ तक
- पुष्यस्वामी शनि23:39 तक
- अश्लेषास्वामी बुध23:37, 31 अक्टू॰ तक
- साध्य12:15 तक
- शुभ10:54, 31 अक्टू॰ तक
- बालव17:02 तक
- कौलव04:54, 31 अक्टू॰ तक
- तैतिल16:35, 31 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:30बिंब मध्य 06:33
- सूर्यास्त
- 17:32बिंब मध्य 17:28
- चंद्रोदय
- 23:57
- चंद्रास्त
- 12:45
- दिनमान
- 11h 2m
- वार
- मंगलवार · मंगल
- चंद्र राशि
- कर्क23:37, 31 अक्टू॰ तक
- सूर्य राशि
- तुला
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- कार्तिक
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:46 –05:38
- प्रातः संध्या05:12 –06:30
- अभिजित मुहूर्त11:39 –12:23
- विजय मुहूर्त13:51 –14:35
- गोधूलि मुहूर्त17:32 –17:58
- सायाह्न संध्या17:32 –18:50
- निशीथ मुहूर्त23:35 –00:27, 31 अक्टू॰
- अमृत काल17:03 –18:42
- राहु काल14:46 –16:09
- यमगंड09:15 –10:38
- गुलिक काल12:01 –13:24
- दुर्मुहूर्त08:42 –09:26
- दुर्मुहूर्त22:43 –23:35
- वर्ज्य07:09 –08:48
- गंड मूल23:39 –06:30, 31 अक्टू॰
चौघड़िया
- रोगअनिष्ट06:30 – 07:52
- उद्वेगअशुभ07:52 – 09:15
- चरसम09:15 – 10:38
- लाभलाभ10:38 – 12:01
- अमृतश्रेष्ठ12:01 – 13:24
- कालहानि13:24 – 14:46
- शुभशुभ14:46 – 16:09
- रोगअनिष्ट16:09 – 17:32
- कालहानि17:32 – 19:09
- लाभलाभ19:09 – 20:47
- उद्वेगअशुभ20:47 – 22:24
- शुभशुभ22:24 – 00:01
- अमृतश्रेष्ठ00:01 – 01:38
- चरसम01:38 – 03:16
- रोगअनिष्ट03:16 – 04:53
- कालहानि04:53 – 06:30
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 06:30–07:25 |
| सूर्य | 07:25–08:20 |
| शुक्र | 08:20–09:15 |
| बुध | 09:15–10:10 |
| चन्द्र | 10:10–11:06 |
| शनि | 11:06–12:01 |
| गुरु | 12:01–12:56 |
| मंगल | 12:56–13:51 |
| सूर्य | 13:51–14:46 |
| शुक्र | 14:46–15:42 |
| बुध | 15:42–16:37 |
| चन्द्र | 16:37–17:32 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 17:32–18:37 |
| गुरु | 18:37–19:42 |
| मंगल | 19:42–20:47 |
| सूर्य | 20:47–21:51 |
| शुक्र | 21:51–22:56 |
| बुध | 22:56–00:01 |
| चन्द्र | 00:01–01:06 |
| शनि | 01:06–02:11 |
| गुरु | 02:11–03:16 |
| मंगल | 03:16–04:21 |
| सूर्य | 04:21–05:25 |
| शुक्र | 05:25–06:30 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पुष्य 2 पद11:22 तक
- पुष्य 3 पद17:32 तक
- पुष्य 4 पद23:39 तक
- अश्लेषा 1 पद05:43, 31 अक्टू॰ तक
- अश्लेषा 2 पद11:44, 31 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- स्वाती 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- हेमंत
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 2m
- रात्रिमान
- 12h 58m
- मध्याह्न
- 12:01
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पश्चिम
- चंद्र वास
- उत्तर
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 04:54, 31 अक्टू॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- गौरी के साथ · 04:54, 31 अक्टू॰ तकसभा में
- होमाहुति
- गुरु
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:30 –07:55
- चोर पंचक07:55 –10:14
- शुभ मुहूर्त10:14 –12:18
- रोग पंचक12:18 –13:59
- शुभ मुहूर्त13:59 –15:25
- मृत्यु पंचक15:25 –16:49
- रोग पंचक16:49 –18:23
- शुभ मुहूर्त18:23 –20:18
- मृत्यु पंचक20:18 –22:33
- अग्नि पंचक22:33 –23:39
- शुभ मुहूर्त23:39 –00:54, 31 अक्टू॰
- राज पंचक00:54 –03:13, 31 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त03:13 –04:54, 31 अक्टू॰
- चोर पंचक04:54 –05:30, 31 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त05:30 –06:30, 31 अक्टू॰
उदय लग्न
- तुला05:34 –07:55
- वृश्चिक07:55 –10:14
- धनु10:14 –12:18
- मकर12:18 –13:59
- कुम्भ13:59 –15:25
- मीन15:25 –16:49
- मेष16:49 –18:23
- वृषभ18:23 –20:18
- मिथुन20:18 –22:33
- कर्क22:33 –00:54, 31 अक्टू॰
- सिंह00:54 –03:13, 31 अक्टू॰
- कन्या03:13 –05:30, 31 अक्टू॰
- तुला05:30 –07:51, 31 अक्टू॰
पंचांग · हरिद्वार, 30 अक्टूबर 2029
मंगलवार, 30 अक्टूबर 2029 को हरिद्वार में सूर्योदय 06:30 और सूर्यास्त 17:32 पर है। तिथि कृष्ण अष्टमी 31 अक्टूबर 04:54 तक, फिर कृष्ण नवमी; नक्षत्र पुष्य 23:39 तक, फिर अश्लेषा; योग साध्य 12:15 तक, फिर शुभ; करण बालव 17:02 तक, फिर कौलव। चंद्रमा कर्क राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 14:46–16:09, अभिजित मुहूर्त 11:39–12:23। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2086, शक संवत 1951।
इस दिन के बारे में प्रश्न
हरिद्वार में 30 अक्टूबर 2029 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण अष्टमी 31 अक्टूबर 04:54 तक, फिर कृष्ण नवमी (सूर्योदय 06:30, हरिद्वार)।
30 अक्टूबर 2029 को कौन सा नक्षत्र है?
पुष्य 23:39 तक, फिर अश्लेषा। चंद्रमा कर्क राशि में 31 अक्टूबर 23:37 तक।
हरिद्वार में 30 अक्टूबर 2029 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 14:46–16:09, यमगण्ड 09:15–10:38, गुलिक काल 12:01–13:24।
हरिद्वार में 30 अक्टूबर 2029 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:30, सूर्यास्त 17:32, चंद्रोदय 23:57 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
30 अक्टूबर 2029 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:39–12:23, ब्रह्म मुहूर्त 04:46–05:38। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
30 अक्टूबर 2029 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
अहोई अष्टमी।
हरिद्वार हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2029आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2029मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2738° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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