एकादशी 2029
एकादशी हर पक्ष की ग्यारहवीं तिथि है — भगवान विष्णु का व्रत, महीने में दो बार, वर्ष में लगभग 24 (अधिक मास वाले वर्ष में 26)। तिथियाँ स्मार्त नियम से हैं: सूर्योदय पर एकादशी वाले दिन व्रत, और अगले दिन द्वादशी रहते पारण।
एकादशी की कथा और विधि पढ़ें- 10जन॰षट्तिला एकादशीबुधवार
- 26जन॰जया एकादशीशुक्रवार
- 9फ़र॰विजया एकादशीशुक्रवार
- 25फ़र॰आमलकी एकादशीरविवार
- 10मार्चपापमोचनी एकादशीशनिवार
- 26मार्चपद्मिनी एकादशीसोमवार
- 9अप्रैलपरमा एकादशीसोमवार
- 24अप्रैलकामदा एकादशीमंगलवार
- 9मईवरुथिनी एकादशीबुधवार
- 24मईमोहिनी एकादशीगुरुवार
- 7जूनअपरा एकादशीगुरुवार
- 22जूननिर्जला एकादशीशुक्रवार
- 7जुल॰योगिनी एकादशीशनिवार
- 21जुल॰देवशयनी एकादशीशनिवार
- 6अग॰कामिका एकादशीसोमवार
- 20अग॰श्रावण पुत्रदा एकादशीसोमवार
- 4सित॰अजा एकादशीमंगलवार
- 18सित॰परिवर्तिनी एकादशीमंगलवार
- 4अक्टू॰इंदिरा एकादशीगुरुवार
- 18अक्टू॰पापांकुशा एकादशीगुरुवार
- 2नव॰रमा एकादशीशुक्रवार
- 16नव॰प्रबोधिनी (देवउठनी) एकादशीशुक्रवार
- 1दिस॰उत्पन्ना एकादशीशनिवार
- 16दिस॰मोक्षदा एकादशीरविवार
- 31दिस॰सफला एकादशीसोमवार
प्रश्न-उत्तर
2029 में कितनी एकादशी हैं?
25 — पहली षट्तिला एकादशी (बुधवार, 10 जनवरी 2029), अंतिम सफला एकादशी (31 दिसंबर 2029)।
एकादशी की तारीख अलग-अलग शहरों में अलग क्यों हो सकती है?
हिन्दू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, और सूर्योदय के समय की तिथि (या व्रत के अनुसार चन्द्रोदय, प्रदोष काल अथवा संक्रांति के क्षण की स्थिति) से दिन तय होता है। सूर्योदय हर स्थान पर अलग समय होता है, इसलिए दिल्ली से दूर का शहर व्रत एक दिन आगे-पीछे रख सकता है; अपने शहर की तारीखें मासिक कैलेंडर में देखें।