पंचांग · रविवार, 24 अक्टूबर 2027भुवनेश्वर

आश्विन · कृष्ण नवमी · विक्रम संवत 2084

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:45सूर्योदय17:17सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण नवमी
कृष्ण · 07:53 तक
नक्षत्र
अश्लेषा
17:41 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:4517:17
रविवार · सूर्य
राहु काल
15:50 –17:17
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:45दिन17:17
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
अमृत काल
गंड मूल
वर्ज्य
यमगंड
गुलिक काल
दुर्मुहूर्त
राहु काल
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:17रात05:45
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत काल
निशीथ मुहूर्त
गोधूलि मुहूर्त
सायाह्न संध्या
गंड मूल
भद्रा
गंड मूल
वर्ज्य
18:0020:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण नवमी
    07:53 तक
  2. कृष्ण दशमी
    05:40, 25 अक्टू॰ तक
  3. कृष्ण एकादशी
    03:22, 26 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. अश्लेषास्वामी बुध
    17:41 तक
  2. मघास्वामी केतु
    16:09, 25 अक्टू॰ तक
योग
  1. शुभ
    17:46 तक
  2. शुक्ल
    14:46, 25 अक्टू॰ तक
करण
  1. गर
    07:53 तक
  2. वणिज
    18:48 तक
  3. विष्टि
    05:40, 25 अक्टू॰ तक
  4. बव
    16:32, 25 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:45
बिंब मध्य 05:48
सूर्यास्त
17:17
बिंब मध्य 17:13
चंद्रोदय
00:19
चंद्रास्त
13:30
दिनमान
11h 32m
वार
रविवार · सूर्य
चंद्र राशि
कर्क
17:41 तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:05 –04:55
  • प्रातः संध्या04:30 –05:45
  • अभिजित मुहूर्त11:08 –11:54
  • विजय मुहूर्त13:26 –14:12
  • गोधूलि मुहूर्त17:17 –17:42
  • सायाह्न संध्या17:17 –18:32
  • निशीथ मुहूर्त23:06 –23:56
  • अमृत काल16:11 –17:41
इन समयों से बचें
  • राहु काल15:50 –17:17
  • यमगंड11:31 –12:57
  • गुलिक काल14:24 –15:50
  • दुर्मुहूर्त15:45 –16:31
  • वर्ज्य07:09 –08:39
  • वर्ज्य04:55 –06:25, 25 अक्टू॰
  • गंड मूल05:45 –17:41
  • गंड मूल17:41 –05:45, 25 अक्टू॰
  • भद्रा18:48 –05:40, 25 अक्टू॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • उद्वेगअशुभ05:45 – 07:11
  • चरसम07:11 – 08:38
  • लाभलाभ08:38 – 10:04
  • अमृतश्रेष्ठ10:04 – 11:31
  • कालहानि11:31 – 12:57
  • शुभशुभ12:57 – 14:24
  • रोगअनिष्ट14:24 – 15:50
  • उद्वेगअशुभ15:50 – 17:17
रात
  • शुभशुभ17:17 – 18:50
  • अमृतश्रेष्ठ18:50 – 20:24
  • चरसम20:24 – 21:57
  • रोगअनिष्ट21:57 – 23:31
  • कालहानि23:31 – 01:05
  • लाभलाभ01:05 – 02:38
  • उद्वेगअशुभ02:38 – 04:12
  • शुभशुभ04:12 – 05:45

होरा

दिन
ग्रहसमय
सूर्य05:45–06:42
शुक्र06:42–07:40
बुध07:40–08:38
चन्द्र08:38–09:35
शनि09:35–10:33
गुरु10:33–11:31
मंगल11:31–12:28
सूर्य12:28–13:26
शुक्र13:26–14:24
बुध14:24–15:22
चन्द्र15:22–16:19
शनि16:19–17:17
रात
ग्रहसमय
गुरु17:17–18:19
मंगल18:19–19:22
सूर्य19:22–20:24
शुक्र20:24–21:26
बुध21:26–22:29
चन्द्र22:29–23:31
शनि23:31–00:33
गुरु00:33–01:36
मंगल01:36–02:38
सूर्य02:38–03:40
शुक्र03:40–04:43
बुध04:43–05:45

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • अश्लेषा 2 पद06:25 तक
  • अश्लेषा 3 पद12:03 तक
  • अश्लेषा 4 पद17:41 तक
  • मघा 1 पद23:18 तक
  • मघा 2 पद04:56, 25 अक्टू॰ तक
  • मघा 3 पद10:32, 25 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
चित्रा 4 पद
ऋतु (दृक्)
हेमंत
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 32m
रात्रिमान
12h 28m
मध्याह्न
11:31

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
कर्क · 17:41 तक
वृषभकर्ककन्यातुलामकरकुम्भ
धनु राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
सिंह · अगले सूर्योदय तक
मिथुनसिंहतुलावृश्चिककुम्भमीन
मकर राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
अश्लेषा · 17:41 तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मघा · अगले सूर्योदय तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
उत्तर
चंद्र वास
उत्तर · 17:41 तकपूर्व
अग्निवास
पाताल · 07:53 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 05:40, 25 अक्टू॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
सभा में · 07:53 तकक्रीड़ा में · 05:40, 25 अक्टू॰ तककैलाश पर
होमाहुति
राहु

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:45 –07:34
  • चोर पंचक07:34 –07:53
  • शुभ मुहूर्त07:53 –09:48
  • रोग पंचक09:48 –11:54
  • शुभ मुहूर्त11:54 –13:43
  • मृत्यु पंचक13:43 –15:18
  • अग्नि पंचक15:18 –16:51
  • शुभ मुहूर्त16:51 –17:41
  • मृत्यु पंचक17:41 –18:34
  • अग्नि पंचक18:34 –20:33
  • शुभ मुहूर्त20:33 –22:46
  • राज पंचक22:46 –01:00, 25 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त01:00 –03:09, 25 अक्टू॰
  • चोर पंचक03:09 –05:17, 25 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त05:17 –05:40, 25 अक्टू॰
  • रोग पंचक05:40 –05:45, 25 अक्टू॰

उदय लग्न

  • तुला05:21 –07:34
  • वृश्चिक07:34 –09:48
  • धनु09:48 –11:54
  • मकर11:54 –13:43
  • कुम्भ13:43 –15:18
  • मीन15:18 –16:51
  • मेष16:51 –18:34
  • वृषभ18:34 –20:33
  • मिथुन20:33 –22:46
  • कर्क22:46 –01:00, 25 अक्टू॰
  • सिंह01:00 –03:09, 25 अक्टू॰
  • कन्या03:09 –05:17, 25 अक्टू॰
  • तुला05:17 –07:30, 25 अक्टू॰

पंचांग · भुवनेश्वर, 24 अक्टूबर 2027

रविवार, 24 अक्टूबर 2027 को भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:45 और सूर्यास्त 17:17 पर है। तिथि कृष्ण नवमी 07:53 तक, फिर कृष्ण दशमी; नक्षत्र अश्लेषा 17:41 तक, फिर मघा; योग शुभ 17:46 तक, फिर शुक्ल; करण गर 07:53 तक, फिर वणिज। चंद्रमा कर्क राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 15:50–17:17, अभिजित मुहूर्त 11:08–11:54। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2084, शक संवत 1949।

इस दिन के बारे में प्रश्न

भुवनेश्वर में 24 अक्टूबर 2027 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण नवमी 07:53 तक, फिर कृष्ण दशमी (सूर्योदय 05:45, भुवनेश्वर)।

24 अक्टूबर 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

अश्लेषा 17:41 तक, फिर मघा। चंद्रमा कर्क राशि में 17:41 तक।

भुवनेश्वर में 24 अक्टूबर 2027 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 15:50–17:17, यमगण्ड 11:31–12:57, गुलिक काल 14:24–15:50।

भुवनेश्वर में 24 अक्टूबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:45, सूर्यास्त 17:17, चंद्रोदय 00:19 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

24 अक्टूबर 2027 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:08–11:54, ब्रह्म मुहूर्त 04:05–04:55। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

भुवनेश्वर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2027आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2027मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2456° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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