पंचांग · सोमवार, 25 अक्टूबर 2027भुवनेश्वर

आश्विन · कृष्ण एकादशी · विक्रम संवत 2084रमा एकादशी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:45सूर्योदय17:16सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण एकादशी
कृष्ण · 03:22, 26 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मघा
16:09 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:4517:16
सोमवार · चन्द्र
राहु काल
07:12 –08:38
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:45दिन17:16
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
अमृत काल
वर्ज्य
राहु काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
गंड मूल
गुलिक काल
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:16रात05:46
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
वर्ज्य
18:0020:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण एकादशी
    03:22, 26 अक्टू॰ तक
  2. कृष्ण द्वादशी
    01:04, 27 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. मघास्वामी केतु
    16:09 तक
  2. पूर्व फाल्गुनीस्वामी शुक्र
    14:33, 26 अक्टू॰ तक
योग
  1. शुक्ल
    14:46 तक
  2. ब्रह्मा
    11:43, 26 अक्टू॰ तक
करण
  1. बव
    16:32 तक
  2. बालव
    03:22, 26 अक्टू॰ तक
  3. कौलव
    14:13, 26 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:45
बिंब मध्य 05:48
सूर्यास्त
17:16
बिंब मध्य 17:12
चंद्रोदय
01:21
चंद्रास्त
14:11
दिनमान
11h 31m
वार
सोमवार · चन्द्र
चंद्र राशि
सिंह
20:10, 26 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:05 –04:55
  • प्रातः संध्या04:30 –05:45
  • अभिजित मुहूर्त11:08 –11:54
  • विजय मुहूर्त13:26 –14:12
  • गोधूलि मुहूर्त17:16 –17:41
  • सायाह्न संध्या17:16 –18:31
  • निशीथ मुहूर्त23:06 –23:56
  • अमृत काल13:54 –15:24
इन समयों से बचें
  • राहु काल07:12 –08:38
  • यमगंड10:04 –11:31
  • गुलिक काल12:57 –14:23
  • दुर्मुहूर्त11:54 –12:40
  • दुर्मुहूर्त14:12 –14:58
  • वर्ज्य04:55 –06:25
  • वर्ज्य23:37 –01:07, 26 अक्टू॰
  • गंड मूल05:45 –16:09

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • अमृत05:45 – 07:12
  • काल07:12 – 08:38
  • शुभ08:38 – 10:04
  • रोग10:04 – 11:31
  • उद्वेग11:31 – 12:57
  • चर12:57 – 14:23
  • लाभ14:23 – 15:50
  • अमृत15:50 – 17:16
रात
  • चर17:16 – 18:50
  • रोग18:50 – 20:24
  • काल20:24 – 21:57
  • लाभ21:57 – 23:31
  • उद्वेग23:31 – 01:05
  • शुभ01:05 – 02:38
  • अमृत02:38 – 04:12
  • चर04:12 – 05:46

होरा

दिन
  • चन्द्र05:45–06:43
  • शनि06:43–07:40
  • गुरु07:40–08:38
  • मंगल08:38–09:36
  • सूर्य09:36–10:33
  • शुक्र10:33–11:31
  • बुध11:31–12:28
  • चन्द्र12:28–13:26
  • शनि13:26–14:23
  • गुरु14:23–15:21
  • मंगल15:21–16:19
  • सूर्य16:19–17:16
रात
  • शुक्र17:16–18:19
  • बुध18:19–19:21
  • चन्द्र19:21–20:24
  • शनि20:24–21:26
  • गुरु21:26–22:28
  • मंगल22:28–23:31
  • सूर्य23:31–00:33
  • शुक्र00:33–01:36
  • बुध01:36–02:38
  • चन्द्र02:38–03:41
  • शनि03:41–04:43
  • गुरु04:43–05:46

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • मघा 3 पद10:32 तक
  • मघा 4 पद16:09 तक
  • पूर्व फाल्गुनी 1 पद21:45 तक
  • पूर्व फाल्गुनी 2 पद03:21, 26 अक्टू॰ तक
  • पूर्व फाल्गुनी 3 पद08:57, 26 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
स्वाती 1 पद
ऋतु (दृक्)
हेमंत
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 31m
रात्रिमान
12h 30m
मध्याह्न
11:31

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
सिंह · अगले सूर्योदय तक
मिथुनसिंहतुलावृश्चिककुम्भमीन
मकर राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
मघा · 16:09 तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
पूर्व फाल्गुनी · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
चंद्र वास
पूर्व
अग्निवास
आकाश · 03:22, 26 अक्टू॰ तकपाताल
शिववास
कैलाश पर · 03:22, 26 अक्टू॰ तकनंदी पर
होमाहुति
राहु

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:45 –07:30
  • मृत्यु पंचक07:30 –09:44
  • अग्नि पंचक09:44 –11:50
  • शुभ मुहूर्त11:50 –13:39
  • राज पंचक13:39 –15:14
  • शुभ मुहूर्त15:14 –16:09
  • चोर पंचक16:09 –16:47
  • राज पंचक16:47 –18:30
  • शुभ मुहूर्त18:30 –20:29
  • चोर पंचक20:29 –22:42
  • शुभ मुहूर्त22:42 –00:56, 26 अक्टू॰
  • रोग पंचक00:56 –03:06, 26 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त03:06 –03:22, 26 अक्टू॰
  • मृत्यु पंचक03:22 –05:14, 26 अक्टू॰
  • अग्नि पंचक05:14 –05:46, 26 अक्टू॰

उदय लग्न

  • तुला05:17 –07:30
  • वृश्चिक07:30 –09:44
  • धनु09:44 –11:50
  • मकर11:50 –13:39
  • कुम्भ13:39 –15:14
  • मीन15:14 –16:47
  • मेष16:47 –18:30
  • वृषभ18:30 –20:29
  • मिथुन20:29 –22:42
  • कर्क22:42 –00:56, 26 अक्टू॰
  • सिंह00:56 –03:06, 26 अक्टू॰
  • कन्या03:06 –05:14, 26 अक्टू॰
  • तुला05:14 –07:26, 26 अक्टू॰

पंचांग · भुवनेश्वर, 25 अक्टूबर 2027

सोमवार, 25 अक्टूबर 2027 को भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:45 और सूर्यास्त 17:16 पर है। तिथि कृष्ण एकादशी 26 अक्टूबर 03:22 तक, फिर कृष्ण द्वादशी; नक्षत्र मघा 16:09 तक, फिर पूर्व फाल्गुनी; योग शुक्ल 14:46 तक, फिर ब्रह्मा; करण बव 16:32 तक, फिर बालव। चंद्रमा सिंह राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 07:12–08:38, अभिजित मुहूर्त 11:08–11:54। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2084, शक संवत 1949।

इस दिन के बारे में प्रश्न

भुवनेश्वर में 25 अक्टूबर 2027 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण एकादशी 26 अक्टूबर 03:22 तक, फिर कृष्ण द्वादशी (सूर्योदय 05:45, भुवनेश्वर)।

25 अक्टूबर 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

मघा 16:09 तक, फिर पूर्व फाल्गुनी। चंद्रमा सिंह राशि में 26 अक्टूबर 20:10 तक।

भुवनेश्वर में 25 अक्टूबर 2027 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 07:12–08:38, यमगण्ड 10:04–11:31, गुलिक काल 12:57–14:23।

भुवनेश्वर में 25 अक्टूबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:45, सूर्यास्त 17:16, चंद्रोदय 01:21 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

25 अक्टूबर 2027 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:08–11:54, ब्रह्म मुहूर्त 04:05–04:55। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

25 अक्टूबर 2027 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

रमा एकादशी।

भुवनेश्वर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2027आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2027मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2456° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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