पंचांग · गुरुवार, 21 अक्टूबर 2027भुवनेश्वर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण षष्ठी13:43 तक
- कृष्ण सप्तमी11:56, 22 अक्टू॰ तक
- आर्द्रास्वामी राहु21:32 तक
- पुनर्वसुस्वामी गुरु20:24, 22 अक्टू॰ तक
- शिव02:10, 22 अक्टू॰ तक
- सिद्ध23:29, 22 अक्टू॰ तक
- वणिज13:43 तक
- विष्टि00:51, 22 अक्टू॰ तक
- बव11:56, 22 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:44बिंब मध्य 05:47
- सूर्यास्त
- 17:19बिंब मध्य 17:15
- चंद्रोदय
- 22:13
- चंद्रास्त
- 11:05
- दिनमान
- 11h 35m
- वार
- गुरुवार · गुरु
- चंद्र राशि
- मिथुन14:42, 22 अक्टू॰ तक
- सूर्य राशि
- तुला
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- कार्तिक
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2084
- शक संवत
- 1949
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:04 –04:54
- प्रातः संध्या04:29 –05:44
- अभिजित मुहूर्त11:08 –11:54
- विजय मुहूर्त13:27 –14:14
- गोधूलि मुहूर्त17:19 –17:44
- सायाह्न संध्या17:19 –18:33
- निशीथ मुहूर्त23:07 –23:56
- अमृत काल11:56 –13:28
- राहु काल12:58 –14:25
- यमगंड05:44 –07:10
- गुलिक काल08:37 –10:04
- दुर्मुहूर्त09:35 –10:22
- दुर्मुहूर्त14:14 –15:00
- वर्ज्य06:33 –08:06
- भद्रा13:43 –00:51, 22 अक्टू॰
चौघड़िया
- शुभशुभ05:44 – 07:10
- रोगअनिष्ट07:10 – 08:37
- उद्वेगअशुभ08:37 – 10:04
- चरसम10:04 – 11:31
- लाभलाभ11:31 – 12:58
- अमृतश्रेष्ठ12:58 – 14:25
- कालहानि14:25 – 15:52
- शुभशुभ15:52 – 17:19
- अमृतश्रेष्ठ17:19 – 18:52
- चरसम18:52 – 20:25
- रोगअनिष्ट20:25 – 21:58
- कालहानि21:58 – 23:31
- लाभलाभ23:31 – 01:05
- उद्वेगअशुभ01:05 – 02:38
- शुभशुभ02:38 – 04:11
- अमृतश्रेष्ठ04:11 – 05:44
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| गुरु | 05:44–06:42 |
| मंगल | 06:42–07:39 |
| सूर्य | 07:39–08:37 |
| शुक्र | 08:37–09:35 |
| बुध | 09:35–10:33 |
| चन्द्र | 10:33–11:31 |
| शनि | 11:31–12:29 |
| गुरु | 12:29–13:27 |
| मंगल | 13:27–14:25 |
| सूर्य | 14:25–15:23 |
| शुक्र | 15:23–16:21 |
| बुध | 16:21–17:19 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 17:19–18:21 |
| शनि | 18:21–19:23 |
| गुरु | 19:23–20:25 |
| मंगल | 20:25–21:27 |
| सूर्य | 21:27–22:29 |
| शुक्र | 22:29–23:31 |
| बुध | 23:31–00:34 |
| चन्द्र | 00:34–01:36 |
| शनि | 01:36–02:38 |
| गुरु | 02:38–03:40 |
| मंगल | 03:40–04:42 |
| सूर्य | 04:42–05:44 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- आर्द्रा 2 पद10:02 तक
- आर्द्रा 3 पद15:47 तक
- आर्द्रा 4 पद21:32 तक
- पुनर्वसु 1 पद03:16, 22 अक्टू॰ तक
- पुनर्वसु 2 पद08:59, 22 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- चित्रा 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 35m
- रात्रिमान
- 12h 25m
- मध्याह्न
- 11:31
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- दक्षिण
- चंद्र वास
- पश्चिम
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 13:43 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- भोजन में · 13:43 तकश्मशान में
- होमाहुति
- गुरु
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:44 –07:45
- राज पंचक07:45 –10:00
- शुभ मुहूर्त10:00 –12:06
- चोर पंचक12:06 –13:43
- शुभ मुहूर्त13:43 –13:54
- रोग पंचक13:54 –15:30
- शुभ मुहूर्त15:30 –18:46
- रोग पंचक18:46 –20:45
- शुभ मुहूर्त20:45 –21:32
- मृत्यु पंचक21:32 –22:58
- अग्नि पंचक22:58 –01:12, 22 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त01:12 –03:21, 22 अक्टू॰
- राज पंचक03:21 –05:29, 22 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त05:29 –05:44, 22 अक्टू॰
उदय लग्न
- तुला05:33 –07:45
- वृश्चिक07:45 –10:00
- धनु10:00 –12:06
- मकर12:06 –13:54
- कुम्भ13:54 –15:30
- मीन15:30 –17:03
- मेष17:03 –18:46
- वृषभ18:46 –20:45
- मिथुन20:45 –22:58
- कर्क22:58 –01:12, 22 अक्टू॰
- सिंह01:12 –03:21, 22 अक्टू॰
- कन्या03:21 –05:29, 22 अक्टू॰
- तुला05:29 –07:42, 22 अक्टू॰
पंचांग · भुवनेश्वर, 21 अक्टूबर 2027
गुरुवार, 21 अक्टूबर 2027 को भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:44 और सूर्यास्त 17:19 पर है। तिथि कृष्ण षष्ठी 13:43 तक, फिर कृष्ण सप्तमी; नक्षत्र आर्द्रा 21:32 तक, फिर पुनर्वसु; योग शिव 22 अक्टूबर 02:10 तक, फिर सिद्ध; करण वणिज 13:43 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 12:58–14:25, अभिजित मुहूर्त 11:08–11:54। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2084, शक संवत 1949।
इस दिन के बारे में प्रश्न
भुवनेश्वर में 21 अक्टूबर 2027 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण षष्ठी 13:43 तक, फिर कृष्ण सप्तमी (सूर्योदय 05:44, भुवनेश्वर)।
21 अक्टूबर 2027 को कौन सा नक्षत्र है?
आर्द्रा 21:32 तक, फिर पुनर्वसु। चंद्रमा मिथुन राशि में 22 अक्टूबर 14:42 तक।
भुवनेश्वर में 21 अक्टूबर 2027 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 12:58–14:25, यमगण्ड 05:44–07:10, गुलिक काल 08:37–10:04।
भुवनेश्वर में 21 अक्टूबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:44, सूर्यास्त 17:19, चंद्रोदय 22:13 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
21 अक्टूबर 2027 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:08–11:54, ब्रह्म मुहूर्त 04:04–04:54। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
भुवनेश्वर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2027आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2027मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2455° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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