पंचांग · शुक्रवार, 22 अक्टूबर 2027भुवनेश्वर

आश्विन · कृष्ण सप्तमी · विक्रम संवत 2084अहोई अष्टमी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:44सूर्योदय17:18सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण सप्तमी
कृष्ण · 11:56 तक
नक्षत्र
पुनर्वसु
20:24 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:4417:18
शुक्रवार · शुक्र
राहु काल
10:04 –11:31
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:44दिन17:18
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
यमगंड
दुर्मुहूर्त
राहु काल
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:18रात05:44
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
वर्ज्य
18:0020:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण सप्तमी
    11:56 तक
  2. कृष्ण अष्टमी
    09:59, 23 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. पुनर्वसुस्वामी गुरु
    20:24 तक
  2. पुष्यस्वामी शनि
    19:07, 23 अक्टू॰ तक
योग
  1. सिद्ध
    23:29 तक
  2. साध्य
    20:41, 23 अक्टू॰ तक
करण
  1. बव
    11:56 तक
  2. बालव
    22:59 तक
  3. कौलव
    09:59, 23 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:44
बिंब मध्य 05:47
सूर्यास्त
17:18
बिंब मध्य 17:14
चंद्रोदय
23:17
चंद्रास्त
11:58
दिनमान
11h 34m
वार
शुक्रवार · शुक्र
चंद्र राशि
मिथुन
14:42 तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:05 –04:54
  • प्रातः संध्या04:29 –05:44
  • अभिजित मुहूर्त11:08 –11:54
  • विजय मुहूर्त13:27 –14:13
  • गोधूलि मुहूर्त17:18 –17:43
  • सायाह्न संध्या17:18 –18:33
  • निशीथ मुहूर्त23:06 –23:56
  • अमृत काल18:07 –19:39
इन समयों से बचें
  • राहु काल10:04 –11:31
  • यमगंड14:25 –15:51
  • गुलिक काल07:11 –08:38
  • दुर्मुहूर्त08:03 –08:49
  • दुर्मुहूर्त11:54 –12:41
  • वर्ज्य08:58 –10:30
  • वर्ज्य03:59 –05:29, 23 अक्टू॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • चर05:44 – 07:11
  • लाभ07:11 – 08:38
  • अमृत08:38 – 10:04
  • काल10:04 – 11:31
  • शुभ11:31 – 12:58
  • रोग12:58 – 14:25
  • उद्वेग14:25 – 15:51
  • चर15:51 – 17:18
रात
  • रोग17:18 – 18:52
  • काल18:52 – 20:25
  • लाभ20:25 – 21:58
  • उद्वेग21:58 – 23:31
  • शुभ23:31 – 01:05
  • अमृत01:05 – 02:38
  • चर02:38 – 04:11
  • रोग04:11 – 05:44

होरा

दिन
  • शुक्र05:44–06:42
  • बुध06:42–07:40
  • चन्द्र07:40–08:38
  • शनि08:38–09:35
  • गुरु09:35–10:33
  • मंगल10:33–11:31
  • सूर्य11:31–12:29
  • शुक्र12:29–13:27
  • बुध13:27–14:25
  • चन्द्र14:25–15:23
  • शनि15:23–16:20
  • गुरु16:20–17:18
रात
  • मंगल17:18–18:20
  • सूर्य18:20–19:23
  • शुक्र19:23–20:25
  • बुध20:25–21:27
  • चन्द्र21:27–22:29
  • शनि22:29–23:31
  • गुरु23:31–00:33
  • मंगल00:33–01:36
  • सूर्य01:36–02:38
  • शुक्र02:38–03:40
  • बुध03:40–04:42
  • चन्द्र04:42–05:44

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पुनर्वसु 2 पद08:59 तक
  • पुनर्वसु 3 पद14:42 तक
  • पुनर्वसु 4 पद20:24 तक
  • पुष्य 1 पद02:06, 23 अक्टू॰ तक
  • पुष्य 2 पद07:47, 23 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
चित्रा 4 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 34m
रात्रिमान
12h 26m
मध्याह्न
11:31

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मिथुन · 14:42 तक
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
वृश्चिक राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
कर्क · अगले सूर्योदय तक
वृषभकर्ककन्यातुलामकरकुम्भ
धनु राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पुनर्वसु · 20:24 तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
पुष्य · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
चंद्र वास
पश्चिम · 14:42 तकउत्तर
अग्निवास
आकाश · 11:56 तकपाताल
शिववास
श्मशान में · 11:56 तकगौरी के साथ
होमाहुति
गुरु

पंचक रहित मुहूर्त

  • चोर पंचक05:44 –07:42
  • शुभ मुहूर्त07:42 –09:56
  • रोग पंचक09:56 –11:56
  • शुभ मुहूर्त11:56 –12:02
  • मृत्यु पंचक12:02 –13:51
  • अग्नि पंचक13:51 –15:26
  • शुभ मुहूर्त15:26 –16:59
  • मृत्यु पंचक16:59 –18:42
  • अग्नि पंचक18:42 –20:24
  • शुभ मुहूर्त20:24 –20:41
  • राज पंचक20:41 –22:54
  • शुभ मुहूर्त22:54 –01:08, 23 अक्टू॰
  • चोर पंचक01:08 –03:17, 23 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त03:17 –05:25, 23 अक्टू॰
  • रोग पंचक05:25 –05:44, 23 अक्टू॰

उदय लग्न

  • तुला05:29 –07:42
  • वृश्चिक07:42 –09:56
  • धनु09:56 –12:02
  • मकर12:02 –13:51
  • कुम्भ13:51 –15:26
  • मीन15:26 –16:59
  • मेष16:59 –18:42
  • वृषभ18:42 –20:41
  • मिथुन20:41 –22:54
  • कर्क22:54 –01:08, 23 अक्टू॰
  • सिंह01:08 –03:17, 23 अक्टू॰
  • कन्या03:17 –05:25, 23 अक्टू॰
  • तुला05:25 –07:38, 23 अक्टू॰

पंचांग · भुवनेश्वर, 22 अक्टूबर 2027

शुक्रवार, 22 अक्टूबर 2027 को भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:44 और सूर्यास्त 17:18 पर है। तिथि कृष्ण सप्तमी 11:56 तक, फिर कृष्ण अष्टमी; नक्षत्र पुनर्वसु 20:24 तक, फिर पुष्य; योग सिद्ध 23:29 तक, फिर साध्य; करण बव 11:56 तक, फिर बालव। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 10:04–11:31, अभिजित मुहूर्त 11:08–11:54। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2084, शक संवत 1949।

इस दिन के बारे में प्रश्न

भुवनेश्वर में 22 अक्टूबर 2027 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण सप्तमी 11:56 तक, फिर कृष्ण अष्टमी (सूर्योदय 05:44, भुवनेश्वर)।

22 अक्टूबर 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

पुनर्वसु 20:24 तक, फिर पुष्य। चंद्रमा मिथुन राशि में 14:42 तक।

भुवनेश्वर में 22 अक्टूबर 2027 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 10:04–11:31, यमगण्ड 14:25–15:51, गुलिक काल 07:11–08:38।

भुवनेश्वर में 22 अक्टूबर 2027 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:44, सूर्यास्त 17:18, चंद्रोदय 23:17 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

22 अक्टूबर 2027 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:08–11:54, ब्रह्म मुहूर्त 04:05–04:54। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

22 अक्टूबर 2027 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

अहोई अष्टमी।

भुवनेश्वर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2027आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2027मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2455° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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