पंचांग · सोमवार, 17 अक्टूबर 2022भुवनेश्वर

आश्विन · कृष्ण सप्तमी · विक्रम संवत 2079अहोई अष्टमी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:42सूर्योदय17:22सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण सप्तमी
कृष्ण · 09:30 तक
नक्षत्र
पुनर्वसु
05:12, 18 अक्टू॰ तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:4217:22
सोमवार · चन्द्र
राहु काल
07:10 –08:37
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:42दिन17:22
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
राहु काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
गुलिक काल
वर्ज्य
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:22रात05:43
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
वर्ज्य
18:0020:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण सप्तमी
    09:30 तक
  2. कृष्ण अष्टमी
    11:58, 18 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. पुनर्वसुस्वामी गुरु
    05:12, 18 अक्टू॰ तक
  2. पुष्यस्वामी शनि
    08:02, 19 अक्टू॰ तक
योग
  1. शिव
    16:01 तक
  2. सिद्ध
    16:52, 18 अक्टू॰ तक
करण
  1. बव
    09:30 तक
  2. बालव
    22:45 तक
  3. कौलव
    11:58, 18 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:42
बिंब मध्य 05:45
सूर्यास्त
17:22
बिंब मध्य 17:18
चंद्रोदय
23:09
चंद्रास्त
12:12
दिनमान
11h 40m
वार
सोमवार · चन्द्र
चंद्र राशि
मिथुन
22:28 तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2079
शक संवत
1944

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:04 –04:53
  • प्रातः संध्या04:28 –05:42
  • अभिजित मुहूर्त11:09 –11:55
  • विजय मुहूर्त13:29 –14:15
  • गोधूलि मुहूर्त17:22 –17:46
  • सायाह्न संध्या17:22 –18:36
  • निशीथ मुहूर्त23:07 –23:57
  • अमृत काल02:31 –04:18, 18 अक्टू॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल07:10 –08:37
  • यमगंड10:05 –11:32
  • गुलिक काल12:59 –14:27
  • दुर्मुहूर्त11:55 –12:42
  • दुर्मुहूर्त14:15 –15:02
  • वर्ज्य15:43 –17:31

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • अमृतश्रेष्ठ05:42 – 07:10
  • कालहानि07:10 – 08:37
  • शुभशुभ08:37 – 10:05
  • रोगअनिष्ट10:05 – 11:32
  • उद्वेगअशुभ11:32 – 12:59
  • चरसम12:59 – 14:27
  • लाभलाभ14:27 – 15:54
  • अमृतश्रेष्ठ15:54 – 17:22
रात
  • चरसम17:22 – 18:54
  • रोगअनिष्ट18:54 – 20:27
  • कालहानि20:27 – 22:00
  • लाभलाभ22:00 – 23:32
  • उद्वेगअशुभ23:32 – 01:05
  • शुभशुभ01:05 – 02:37
  • अमृतश्रेष्ठ02:37 – 04:10
  • चरसम04:10 – 05:43

होरा

दिन
ग्रहसमय
चन्द्र05:42–06:40
शनि06:40–07:39
गुरु07:39–08:37
मंगल08:37–09:35
सूर्य09:35–10:34
शुक्र10:34–11:32
बुध11:32–12:30
चन्द्र12:30–13:29
शनि13:29–14:27
गुरु14:27–15:25
मंगल15:25–16:23
सूर्य16:23–17:22
रात
ग्रहसमय
शुक्र17:22–18:23
बुध18:23–19:25
चन्द्र19:25–20:27
शनि20:27–21:29
गुरु21:29–22:30
मंगल22:30–23:32
सूर्य23:32–00:34
शुक्र00:34–01:36
बुध01:36–02:37
चन्द्र02:37–03:39
शनि03:39–04:41
गुरु04:41–05:43

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पुनर्वसु 1 पद08:59 तक
  • पुनर्वसु 2 पद15:44 तक
  • पुनर्वसु 3 पद22:28 तक
  • पुनर्वसु 4 पद05:12, 18 अक्टू॰ तक
  • पुष्य 1 पद11:56, 18 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
चित्रा 2 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 40m
रात्रिमान
12h 21m
मध्याह्न
11:32

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मिथुन · 22:28 तक
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
वृश्चिक राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
कर्क · अगले सूर्योदय तक
वृषभकर्ककन्यातुलामकरकुम्भ
धनु राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पुनर्वसु · 05:12, 18 अक्टू॰ तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
पुष्य · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
चंद्र वास
पश्चिम · 22:28 तकउत्तर
अग्निवास
आकाश · 09:30 तकपाताल
शिववास
श्मशान में · 09:30 तकगौरी के साथ
होमाहुति
गुरु

पंचक रहित मुहूर्त

  • मृत्यु पंचक05:42 –05:48
  • अग्नि पंचक05:48 –08:00
  • शुभ मुहूर्त08:00 –09:30
  • राज पंचक09:30 –10:15
  • शुभ मुहूर्त10:15 –12:21
  • चोर पंचक12:21 –14:09
  • शुभ मुहूर्त14:09 –15:45
  • रोग पंचक15:45 –17:18
  • चोर पंचक17:18 –19:00
  • शुभ मुहूर्त19:00 –21:00
  • रोग पंचक21:00 –23:13
  • शुभ मुहूर्त23:13 –01:27, 18 अक्टू॰
  • मृत्यु पंचक01:27 –03:36, 18 अक्टू॰
  • अग्नि पंचक03:36 –05:12, 18 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त05:12 –05:43, 18 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या03:40 –05:48
  • तुला05:48 –08:00
  • वृश्चिक08:00 –10:15
  • धनु10:15 –12:21
  • मकर12:21 –14:09
  • कुम्भ14:09 –15:45
  • मीन15:45 –17:18
  • मेष17:18 –19:00
  • वृषभ19:00 –21:00
  • मिथुन21:00 –23:13
  • कर्क23:13 –01:27, 18 अक्टू॰
  • सिंह01:27 –03:36, 18 अक्टू॰
  • कन्या03:36 –05:44, 18 अक्टू॰

पंचांग · भुवनेश्वर, 17 अक्टूबर 2022

सोमवार, 17 अक्टूबर 2022 को भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:42 और सूर्यास्त 17:22 पर है। तिथि कृष्ण सप्तमी 09:30 तक, फिर कृष्ण अष्टमी; नक्षत्र पुनर्वसु 18 अक्टूबर 05:12 तक, फिर पुष्य; योग शिव 16:01 तक, फिर सिद्ध; करण बव 09:30 तक, फिर बालव। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 07:10–08:37, अभिजित मुहूर्त 11:09–11:55। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2079, शक संवत 1944।

इस दिन के बारे में प्रश्न

भुवनेश्वर में 17 अक्टूबर 2022 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण सप्तमी 09:30 तक, फिर कृष्ण अष्टमी (सूर्योदय 05:42, भुवनेश्वर)।

17 अक्टूबर 2022 को कौन सा नक्षत्र है?

पुनर्वसु 18 अक्टूबर 05:12 तक, फिर पुष्य। चंद्रमा मिथुन राशि में 22:28 तक।

भुवनेश्वर में 17 अक्टूबर 2022 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 07:10–08:37, यमगण्ड 10:05–11:32, गुलिक काल 12:59–14:27।

भुवनेश्वर में 17 अक्टूबर 2022 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:42, सूर्यास्त 17:22, चंद्रोदय 23:09 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

17 अक्टूबर 2022 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:09–11:55, ब्रह्म मुहूर्त 04:04–04:53। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

17 अक्टूबर 2022 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

अहोई अष्टमी।

भुवनेश्वर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2022आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2022मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1755° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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