पंचांग · सोमवार, 18 अप्रैल 2022भुवनेश्वर

चैत्र · कृष्ण द्वितीया · विक्रम संवत 2079

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:26सूर्योदय18:06सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण द्वितीया
कृष्ण · 19:24 तक
नक्षत्र
स्वाती
05:33 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:2618:06
सोमवार · चन्द्र
राहु काल
07:01 –08:36
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:26दिन18:06
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
राहु काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
वर्ज्य
गुलिक काल
06:0008:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:06रात05:26
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
19:0021:0023:0001:0003:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण द्वितीया
    19:24 तक
  2. कृष्ण तृतीया
    16:39, 19 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. स्वातीस्वामी राहु
    05:33 तक
  2. विशाखास्वामी गुरु
    03:38, 19 अप्रैल तक
  3. अनुराधास्वामी शनि
    01:39, 20 अप्रैल तक
योग
  1. सिद्धि
    20:23 तक
  2. व्यतीपात
    17:01, 19 अप्रैल तक
करण
  1. तैतिल
    08:44 तक
  2. गर
    19:24 तक
  3. वणिज
    06:02, 19 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:26
बिंब मध्य 05:30
सूर्यास्त
18:06
बिंब मध्य 18:02
चंद्रोदय
19:50
चंद्रास्त
06:27
दिनमान
12h 40m
वार
सोमवार · चन्द्र
चंद्र राशि
तुला
22:08 तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2079
शक संवत
1944

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त03:56 –04:41
  • प्रातः संध्या04:18 –05:26
  • अभिजित मुहूर्त11:21 –12:12
  • विजय मुहूर्त13:53 –14:43
  • गोधूलि मुहूर्त18:06 –18:29
  • सायाह्न संध्या18:06 –19:14
  • निशीथ मुहूर्त23:23 –00:09, 19 अप्रैल
  • अमृत काल19:33 –21:01
इन समयों से बचें
  • राहु काल07:01 –08:36
  • यमगंड10:11 –11:46
  • गुलिक काल13:21 –14:56
  • दुर्मुहूर्त12:12 –13:02
  • दुर्मुहूर्त14:43 –15:34
  • वर्ज्य10:43 –12:11

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • अमृतश्रेष्ठ05:26 – 07:01
  • कालहानि07:01 – 08:36
  • शुभशुभ08:36 – 10:11
  • रोगअनिष्ट10:11 – 11:46
  • उद्वेगअशुभ11:46 – 13:21
  • चरसम13:21 – 14:56
  • लाभलाभ14:56 – 16:31
  • अमृतश्रेष्ठ16:31 – 18:06
रात
  • चरसम18:06 – 19:31
  • रोगअनिष्ट19:31 – 20:56
  • कालहानि20:56 – 22:21
  • लाभलाभ22:21 – 23:46
  • उद्वेगअशुभ23:46 – 01:11
  • शुभशुभ01:11 – 02:36
  • अमृतश्रेष्ठ02:36 – 04:01
  • चरसम04:01 – 05:26

होरा

दिन
ग्रहसमय
चन्द्र05:26–06:30
शनि06:30–07:33
गुरु07:33–08:36
मंगल08:36–09:40
सूर्य09:40–10:43
शुक्र10:43–11:46
बुध11:46–12:50
चन्द्र12:50–13:53
शनि13:53–14:56
गुरु14:56–15:59
मंगल15:59–17:03
सूर्य17:03–18:06
रात
ग्रहसमय
शुक्र18:06–19:03
बुध19:03–19:59
चन्द्र19:59–20:56
शनि20:56–21:53
गुरु21:53–22:49
मंगल22:49–23:46
सूर्य23:46–00:42
शुक्र00:42–01:39
बुध01:39–02:36
चन्द्र02:36–03:32
शनि03:32–04:29
गुरु04:29–05:26

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • स्वाती 4 पद05:33 तक
  • विशाखा 1 पद11:06 तक
  • विशाखा 2 पद16:37 तक
  • विशाखा 3 पद22:08 तक
  • विशाखा 4 पद03:38, 19 अप्रैल तक
  • अनुराधा 1 पद09:09, 19 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
अश्विनी 2 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 40m
रात्रिमान
11h 20m
मध्याह्न
11:46

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
तुला · 22:08 तक
मेषवृषभसिंहतुलाधनुमकर
मीन राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
वृश्चिक · अगले सूर्योदय तक
वृषभमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
मेष राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
स्वाती · 05:33 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद
विशाखा · 03:38, 19 अप्रैल तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
अनुराधा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
चंद्र वास
पश्चिम · 22:08 तकउत्तर
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 19:24 तकआकाश
शिववास
सभा में · 19:24 तकक्रीड़ा में
होमाहुति
चन्द्र

पंचक रहित मुहूर्त

  • रोग पंचक05:26 –05:33
  • शुभ मुहूर्त05:33 –07:00
  • मृत्यु पंचक07:00 –08:59
  • अग्नि पंचक08:59 –11:12
  • शुभ मुहूर्त11:12 –13:26
  • राज पंचक13:26 –15:35
  • शुभ मुहूर्त15:35 –17:43
  • चोर पंचक17:43 –19:24
  • शुभ मुहूर्त19:24 –19:56
  • रोग पंचक19:56 –22:10
  • शुभ मुहूर्त22:10 –00:16, 19 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक00:16 –02:05, 19 अप्रैल
  • अग्नि पंचक02:05 –03:38, 19 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त03:38 –03:40, 19 अप्रैल
  • राज पंचक03:40 –05:13, 19 अप्रैल
  • अग्नि पंचक05:13 –05:26, 19 अप्रैल

उदय लग्न

  • मेष05:17 –07:00
  • वृषभ07:00 –08:59
  • मिथुन08:59 –11:12
  • कर्क11:12 –13:26
  • सिंह13:26 –15:35
  • कन्या15:35 –17:43
  • तुला17:43 –19:56
  • वृश्चिक19:56 –22:10
  • धनु22:10 –00:16, 19 अप्रैल
  • मकर00:16 –02:05, 19 अप्रैल
  • कुम्भ02:05 –03:40, 19 अप्रैल
  • मीन03:40 –05:13, 19 अप्रैल
  • मेष05:13 –06:56, 19 अप्रैल

पंचांग · भुवनेश्वर, 18 अप्रैल 2022

सोमवार, 18 अप्रैल 2022 को भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:26 और सूर्यास्त 18:06 पर है। तिथि कृष्ण द्वितीया 19:24 तक, फिर कृष्ण तृतीया; नक्षत्र स्वाती 05:33 तक, फिर विशाखा; योग सिद्धि 20:23 तक, फिर व्यतीपात; करण तैतिल 08:44 तक, फिर गर। चंद्रमा तुला राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 07:01–08:36, अभिजित मुहूर्त 11:21–12:12। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2079, शक संवत 1944।

इस दिन के बारे में प्रश्न

भुवनेश्वर में 18 अप्रैल 2022 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण द्वितीया 19:24 तक, फिर कृष्ण तृतीया (सूर्योदय 05:26, भुवनेश्वर)।

18 अप्रैल 2022 को कौन सा नक्षत्र है?

स्वाती 05:33 तक, फिर विशाखा। चंद्रमा तुला राशि में 22:08 तक।

भुवनेश्वर में 18 अप्रैल 2022 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 07:01–08:36, यमगण्ड 10:11–11:46, गुलिक काल 13:21–14:56।

भुवनेश्वर में 18 अप्रैल 2022 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:26, सूर्यास्त 18:06, चंद्रोदय 19:50 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

18 अप्रैल 2022 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:21–12:12, ब्रह्म मुहूर्त 03:56–04:41। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

भुवनेश्वर हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2022आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2022मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1685° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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