पंचांग · सोमवार, 18 अप्रैल 2022भुवनेश्वर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण द्वितीया19:24 तक
- कृष्ण तृतीया16:39, 19 अप्रैल तक
- स्वातीस्वामी राहु05:33 तक
- विशाखास्वामी गुरु03:38, 19 अप्रैल तक
- अनुराधास्वामी शनि01:39, 20 अप्रैल तक
- सिद्धि20:23 तक
- व्यतीपात17:01, 19 अप्रैल तक
- तैतिल08:44 तक
- गर19:24 तक
- वणिज06:02, 19 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:26बिंब मध्य 05:30
- सूर्यास्त
- 18:06बिंब मध्य 18:02
- चंद्रोदय
- 19:50
- चंद्रास्त
- 06:27
- दिनमान
- 12h 40m
- वार
- सोमवार · चन्द्र
- चंद्र राशि
- तुला22:08 तक
- सूर्य राशि
- मेष
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- वैशाख
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2079
- शक संवत
- 1944
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त03:56 –04:41
- प्रातः संध्या04:18 –05:26
- अभिजित मुहूर्त11:21 –12:12
- विजय मुहूर्त13:53 –14:43
- गोधूलि मुहूर्त18:06 –18:29
- सायाह्न संध्या18:06 –19:14
- निशीथ मुहूर्त23:23 –00:09, 19 अप्रैल
- अमृत काल19:33 –21:01
- राहु काल07:01 –08:36
- यमगंड10:11 –11:46
- गुलिक काल13:21 –14:56
- दुर्मुहूर्त12:12 –13:02
- दुर्मुहूर्त14:43 –15:34
- वर्ज्य10:43 –12:11
चौघड़िया
- अमृतश्रेष्ठ05:26 – 07:01
- कालहानि07:01 – 08:36
- शुभशुभ08:36 – 10:11
- रोगअनिष्ट10:11 – 11:46
- उद्वेगअशुभ11:46 – 13:21
- चरसम13:21 – 14:56
- लाभलाभ14:56 – 16:31
- अमृतश्रेष्ठ16:31 – 18:06
- चरसम18:06 – 19:31
- रोगअनिष्ट19:31 – 20:56
- कालहानि20:56 – 22:21
- लाभलाभ22:21 – 23:46
- उद्वेगअशुभ23:46 – 01:11
- शुभशुभ01:11 – 02:36
- अमृतश्रेष्ठ02:36 – 04:01
- चरसम04:01 – 05:26
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 05:26–06:30 |
| शनि | 06:30–07:33 |
| गुरु | 07:33–08:36 |
| मंगल | 08:36–09:40 |
| सूर्य | 09:40–10:43 |
| शुक्र | 10:43–11:46 |
| बुध | 11:46–12:50 |
| चन्द्र | 12:50–13:53 |
| शनि | 13:53–14:56 |
| गुरु | 14:56–15:59 |
| मंगल | 15:59–17:03 |
| सूर्य | 17:03–18:06 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 18:06–19:03 |
| बुध | 19:03–19:59 |
| चन्द्र | 19:59–20:56 |
| शनि | 20:56–21:53 |
| गुरु | 21:53–22:49 |
| मंगल | 22:49–23:46 |
| सूर्य | 23:46–00:42 |
| शुक्र | 00:42–01:39 |
| बुध | 01:39–02:36 |
| चन्द्र | 02:36–03:32 |
| शनि | 03:32–04:29 |
| गुरु | 04:29–05:26 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- स्वाती 4 पद05:33 तक
- विशाखा 1 पद11:06 तक
- विशाखा 2 पद16:37 तक
- विशाखा 3 पद22:08 तक
- विशाखा 4 पद03:38, 19 अप्रैल तक
- अनुराधा 1 पद09:09, 19 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- अश्विनी 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 40m
- रात्रिमान
- 11h 20m
- मध्याह्न
- 11:46
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
- चंद्र वास
- पश्चिम · 22:08 तकउत्तर
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 19:24 तकआकाश
- शिववास
- सभा में · 19:24 तकक्रीड़ा में
- होमाहुति
- चन्द्र
पंचक रहित मुहूर्त
- रोग पंचक05:26 –05:33
- शुभ मुहूर्त05:33 –07:00
- मृत्यु पंचक07:00 –08:59
- अग्नि पंचक08:59 –11:12
- शुभ मुहूर्त11:12 –13:26
- राज पंचक13:26 –15:35
- शुभ मुहूर्त15:35 –17:43
- चोर पंचक17:43 –19:24
- शुभ मुहूर्त19:24 –19:56
- रोग पंचक19:56 –22:10
- शुभ मुहूर्त22:10 –00:16, 19 अप्रैल
- मृत्यु पंचक00:16 –02:05, 19 अप्रैल
- अग्नि पंचक02:05 –03:38, 19 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त03:38 –03:40, 19 अप्रैल
- राज पंचक03:40 –05:13, 19 अप्रैल
- अग्नि पंचक05:13 –05:26, 19 अप्रैल
उदय लग्न
- मेष05:17 –07:00
- वृषभ07:00 –08:59
- मिथुन08:59 –11:12
- कर्क11:12 –13:26
- सिंह13:26 –15:35
- कन्या15:35 –17:43
- तुला17:43 –19:56
- वृश्चिक19:56 –22:10
- धनु22:10 –00:16, 19 अप्रैल
- मकर00:16 –02:05, 19 अप्रैल
- कुम्भ02:05 –03:40, 19 अप्रैल
- मीन03:40 –05:13, 19 अप्रैल
- मेष05:13 –06:56, 19 अप्रैल
पंचांग · भुवनेश्वर, 18 अप्रैल 2022
सोमवार, 18 अप्रैल 2022 को भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:26 और सूर्यास्त 18:06 पर है। तिथि कृष्ण द्वितीया 19:24 तक, फिर कृष्ण तृतीया; नक्षत्र स्वाती 05:33 तक, फिर विशाखा; योग सिद्धि 20:23 तक, फिर व्यतीपात; करण तैतिल 08:44 तक, फिर गर। चंद्रमा तुला राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 07:01–08:36, अभिजित मुहूर्त 11:21–12:12। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2079, शक संवत 1944।
इस दिन के बारे में प्रश्न
भुवनेश्वर में 18 अप्रैल 2022 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण द्वितीया 19:24 तक, फिर कृष्ण तृतीया (सूर्योदय 05:26, भुवनेश्वर)।
18 अप्रैल 2022 को कौन सा नक्षत्र है?
स्वाती 05:33 तक, फिर विशाखा। चंद्रमा तुला राशि में 22:08 तक।
भुवनेश्वर में 18 अप्रैल 2022 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 07:01–08:36, यमगण्ड 10:11–11:46, गुलिक काल 13:21–14:56।
भुवनेश्वर में 18 अप्रैल 2022 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:26, सूर्यास्त 18:06, चंद्रोदय 19:50 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
18 अप्रैल 2022 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:21–12:12, ब्रह्म मुहूर्त 03:56–04:41। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
भुवनेश्वर हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2022आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2022मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1685° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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