पंचांग · शनिवार, 9 अक्टूबर 2021भुवनेश्वर

आश्विन · शुक्ल तृतीया · विक्रम संवत 2078

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:40सूर्योदय17:28सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल तृतीया
शुक्ल · 07:49 तक
नक्षत्र
विशाखा
16:47 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:4017:28
शनिवार · शनि
राहु काल
08:37 –10:05
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:40दिन17:28
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
अमृत काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:28रात05:40
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
भद्रा
वर्ज्य
18:0020:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

लोड हो रहा है… · हर मिनट अपडेट

पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल तृतीया
    07:49 तक
  2. शुक्ल चतुर्थी
    04:55, 10 अक्टू॰ तक
  3. शुक्ल पंचमी
    02:14, 11 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. विशाखास्वामी गुरु
    16:47 तक
  2. अनुराधास्वामी शनि
    14:44, 10 अक्टू॰ तक
योग
  1. प्रीति
    18:29 तक
  2. आयुष्मान्
    15:03, 10 अक्टू॰ तक
करण
  1. गर
    07:49 तक
  2. वणिज
    18:21 तक
  3. विष्टि
    04:55, 10 अक्टू॰ तक
  4. बव
    15:33, 10 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:40
बिंब मध्य 05:43
सूर्यास्त
17:28
बिंब मध्य 17:24
चंद्रोदय
08:22
चंद्रास्त
19:50
दिनमान
11h 48m
वार
शनिवार · शनि
चंद्र राशि
तुला
11:19 तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2078
शक संवत
1943

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:02 –04:51
  • प्रातः संध्या04:27 –05:40
  • अभिजित मुहूर्त11:10 –11:57
  • विजय मुहूर्त13:32 –14:19
  • गोधूलि मुहूर्त17:28 –17:52
  • सायाह्न संध्या17:28 –18:41
  • निशीथ मुहूर्त23:10 –23:58
  • अमृत काल08:47 –10:15
  • अमृत काल05:13 –06:41, 10 अक्टू॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल08:37 –10:05
  • यमगंड13:02 –14:31
  • गुलिक काल05:40 –07:08
  • दुर्मुहूर्त05:40 –06:27
  • दुर्मुहूर्त06:27 –07:14
  • वर्ज्य20:27 –21:54
  • भद्रा18:21 –04:55, 10 अक्टू॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • कालहानि05:40 – 07:08
  • शुभशुभ07:08 – 08:37
  • रोगअनिष्ट08:37 – 10:05
  • उद्वेगअशुभ10:05 – 11:34
  • चरसम11:34 – 13:02
  • लाभलाभ13:02 – 14:31
  • अमृतश्रेष्ठ14:31 – 15:59
  • कालहानि15:59 – 17:28
रात
  • लाभलाभ17:28 – 18:59
  • उद्वेगअशुभ18:59 – 20:31
  • शुभशुभ20:31 – 22:02
  • अमृतश्रेष्ठ22:02 – 23:34
  • चरसम23:34 – 01:05
  • रोगअनिष्ट01:05 – 02:37
  • कालहानि02:37 – 04:09
  • लाभलाभ04:09 – 05:40

होरा

दिन
ग्रहसमय
शनि05:40–06:39
गुरु06:39–07:38
मंगल07:38–08:37
सूर्य08:37–09:36
शुक्र09:36–10:35
बुध10:35–11:34
चन्द्र11:34–12:33
शनि12:33–13:32
गुरु13:32–14:31
मंगल14:31–15:30
सूर्य15:30–16:29
शुक्र16:29–17:28
रात
ग्रहसमय
बुध17:28–18:29
चन्द्र18:29–19:30
शनि19:30–20:31
गुरु20:31–21:32
मंगल21:32–22:33
सूर्य22:33–23:34
शुक्र23:34–00:35
बुध00:35–01:36
चन्द्र01:36–02:37
शनि02:37–03:38
गुरु03:38–04:39
मंगल04:39–05:40

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • विशाखा 2 पद05:52 तक
  • विशाखा 3 पद11:19 तक
  • विशाखा 4 पद16:47 तक
  • अनुराधा 1 पद22:15 तक
  • अनुराधा 2 पद03:44, 10 अक्टू॰ तक
  • अनुराधा 3 पद09:14, 10 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
हस्त 4 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 48m
रात्रिमान
12h 12m
मध्याह्न
11:34

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
तुला · 11:19 तक
मेषवृषभसिंहतुलाधनुमकर
मीन राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
वृश्चिक · अगले सूर्योदय तक
वृषभमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
मेष राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
विशाखा · 16:47 तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
अनुराधा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पूर्व
चंद्र वास
पश्चिम · 11:19 तकउत्तर
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 07:49 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 04:55, 10 अक्टू॰ तकआकाश
शिववास
सभा में · 07:49 तकक्रीड़ा में · 04:55, 10 अक्टू॰ तककैलाश पर
होमाहुति
बुध

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:40 –06:18
  • चोर पंचक06:18 –07:49
  • शुभ मुहूर्त07:49 –08:30
  • रोग पंचक08:30 –10:45
  • शुभ मुहूर्त10:45 –12:51
  • मृत्यु पंचक12:51 –14:40
  • अग्नि पंचक14:40 –16:15
  • शुभ मुहूर्त16:15 –16:47
  • राज पंचक16:47 –17:48
  • अग्नि पंचक17:48 –19:31
  • शुभ मुहूर्त19:31 –21:30
  • राज पंचक21:30 –23:43
  • शुभ मुहूर्त23:43 –01:57, 10 अक्टू॰
  • चोर पंचक01:57 –04:06, 10 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त04:06 –04:55, 10 अक्टू॰
  • रोग पंचक04:55 –05:40, 10 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या04:10 –06:18
  • तुला06:18 –08:30
  • वृश्चिक08:30 –10:45
  • धनु10:45 –12:51
  • मकर12:51 –14:40
  • कुम्भ14:40 –16:15
  • मीन16:15 –17:48
  • मेष17:48 –19:31
  • वृषभ19:31 –21:30
  • मिथुन21:30 –23:43
  • कर्क23:43 –01:57, 10 अक्टू॰
  • सिंह01:57 –04:06, 10 अक्टू॰
  • कन्या04:06 –06:14, 10 अक्टू॰

पंचांग · भुवनेश्वर, 9 अक्टूबर 2021

शनिवार, 9 अक्टूबर 2021 को भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:40 और सूर्यास्त 17:28 पर है। तिथि शुक्ल तृतीया 07:49 तक, फिर शुक्ल चतुर्थी; नक्षत्र विशाखा 16:47 तक, फिर अनुराधा; योग प्रीति 18:29 तक, फिर आयुष्मान्; करण गर 07:49 तक, फिर वणिज। चंद्रमा तुला राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 08:37–10:05, अभिजित मुहूर्त 11:10–11:57। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2078, शक संवत 1943।

इस दिन के बारे में प्रश्न

भुवनेश्वर में 9 अक्टूबर 2021 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल तृतीया 07:49 तक, फिर शुक्ल चतुर्थी (सूर्योदय 05:40, भुवनेश्वर)।

9 अक्टूबर 2021 को कौन सा नक्षत्र है?

विशाखा 16:47 तक, फिर अनुराधा। चंद्रमा तुला राशि में 11:19 तक।

भुवनेश्वर में 9 अक्टूबर 2021 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 08:37–10:05, यमगण्ड 13:02–14:31, गुलिक काल 05:40–07:08।

भुवनेश्वर में 9 अक्टूबर 2021 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:40, सूर्यास्त 17:28, चंद्रोदय 08:22 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

9 अक्टूबर 2021 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:10–11:57, ब्रह्म मुहूर्त 04:02–04:51। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

भुवनेश्वर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2021आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2021मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1612° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP