पंचांग · सोमवार, 4 अक्टूबर 2021भुवनेश्वर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण त्रयोदशी21:05 तक
- कृष्ण चतुर्दशी19:04, 5 अक्टू॰ तक
- पूर्व फाल्गुनीस्वामी शुक्र02:35, 5 अक्टू॰ तक
- उत्तर फाल्गुनीस्वामी सूर्य01:10, 6 अक्टू॰ तक
- शुभ14:12 तक
- शुक्ल11:35, 5 अक्टू॰ तक
- गर09:53 तक
- वणिज21:05 तक
- विष्टि08:09, 5 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:38बिंब मध्य 05:41
- सूर्यास्त
- 17:32बिंब मध्य 17:28
- चंद्रोदय
- 03:19
- चंद्रास्त
- 16:20
- दिनमान
- 11h 54m
- वार
- सोमवार · चन्द्र
- चंद्र राशि
- सिंह08:17, 5 अक्टू॰ तक
- सूर्य राशि
- कन्या
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- भाद्रपद
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वर्षा
- विक्रम संवत
- 2078
- शक संवत
- 1943
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:02 –04:50
- प्रातः संध्या04:26 –05:38
- अभिजित मुहूर्त11:11 –11:59
- विजय मुहूर्त13:34 –14:22
- गोधूलि मुहूर्त17:32 –17:56
- सायाह्न संध्या17:32 –18:45
- निशीथ मुहूर्त23:11 –00:00, 5 अक्टू॰
- अमृत काल20:25 –21:57
- राहु काल07:08 –08:37
- यमगंड10:06 –11:35
- गुलिक काल13:05 –14:34
- दुर्मुहूर्त11:59 –12:47
- दुर्मुहूर्त14:22 –15:09
- वर्ज्य11:09 –12:42
- भद्रा21:05 –05:39, 5 अक्टू॰
चौघड़िया
- अमृतश्रेष्ठ05:38 – 07:08
- कालहानि07:08 – 08:37
- शुभशुभ08:37 – 10:06
- रोगअनिष्ट10:06 – 11:35
- उद्वेगअशुभ11:35 – 13:05
- चरसम13:05 – 14:34
- लाभलाभ14:34 – 16:03
- अमृतश्रेष्ठ16:03 – 17:32
- चरसम17:32 – 19:03
- रोगअनिष्ट19:03 – 20:34
- कालहानि20:34 – 22:05
- लाभलाभ22:05 – 23:35
- उद्वेगअशुभ23:35 – 01:06
- शुभशुभ01:06 – 02:37
- अमृतश्रेष्ठ02:37 – 04:08
- चरसम04:08 – 05:39
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 05:38–06:38 |
| शनि | 06:38–07:37 |
| गुरु | 07:37–08:37 |
| मंगल | 08:37–09:36 |
| सूर्य | 09:36–10:36 |
| शुक्र | 10:36–11:35 |
| बुध | 11:35–12:35 |
| चन्द्र | 12:35–13:34 |
| शनि | 13:34–14:34 |
| गुरु | 14:34–15:33 |
| मंगल | 15:33–16:33 |
| सूर्य | 16:33–17:32 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 17:32–18:33 |
| बुध | 18:33–19:33 |
| चन्द्र | 19:33–20:34 |
| शनि | 20:34–21:34 |
| गुरु | 21:34–22:35 |
| मंगल | 22:35–23:35 |
| सूर्य | 23:35–00:36 |
| शुक्र | 00:36–01:36 |
| बुध | 01:36–02:37 |
| चन्द्र | 02:37–03:38 |
| शनि | 03:38–04:38 |
| गुरु | 04:38–05:39 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पूर्व फाल्गुनी 1 पद09:17 तक
- पूर्व फाल्गुनी 2 पद15:05 तक
- पूर्व फाल्गुनी 3 पद20:52 तक
- पूर्व फाल्गुनी 4 पद02:35, 5 अक्टू॰ तक
- उत्तर फाल्गुनी 1 पद08:17, 5 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- हस्त 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- वर्षा
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 54m
- रात्रिमान
- 12h 7m
- मध्याह्न
- 11:35
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
- चंद्र वास
- पूर्व
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 21:05 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- भोजन में · 21:05 तकश्मशान में
- होमाहुति
- केतु
पंचक रहित मुहूर्त
- अग्नि पंचक05:38 –06:38
- शुभ मुहूर्त06:38 –08:50
- राज पंचक08:50 –11:05
- शुभ मुहूर्त11:05 –13:11
- चोर पंचक13:11 –14:59
- शुभ मुहूर्त14:59 –16:35
- रोग पंचक16:35 –18:08
- चोर पंचक18:08 –19:50
- शुभ मुहूर्त19:50 –21:05
- रोग पंचक21:05 –21:50
- शुभ मुहूर्त21:50 –00:03, 5 अक्टू॰
- मृत्यु पंचक00:03 –02:17, 5 अक्टू॰
- अग्नि पंचक02:17 –02:35, 5 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त02:35 –04:26, 5 अक्टू॰
- राज पंचक04:26 –05:39, 5 अक्टू॰
उदय लग्न
- कन्या04:30 –06:38
- तुला06:38 –08:50
- वृश्चिक08:50 –11:05
- धनु11:05 –13:11
- मकर13:11 –14:59
- कुम्भ14:59 –16:35
- मीन16:35 –18:08
- मेष18:08 –19:50
- वृषभ19:50 –21:50
- मिथुन21:50 –00:03, 5 अक्टू॰
- कर्क00:03 –02:17, 5 अक्टू॰
- सिंह02:17 –04:26, 5 अक्टू॰
- कन्या04:26 –06:34, 5 अक्टू॰
पंचांग · भुवनेश्वर, 4 अक्टूबर 2021
सोमवार, 4 अक्टूबर 2021 को भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:38 और सूर्यास्त 17:32 पर है। तिथि कृष्ण त्रयोदशी 21:05 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी; नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी 5 अक्टूबर 02:35 तक, फिर उत्तर फाल्गुनी; योग शुभ 14:12 तक, फिर शुक्ल; करण गर 09:53 तक, फिर वणिज। चंद्रमा सिंह राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 07:08–08:37, अभिजित मुहूर्त 11:11–11:59। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2078, शक संवत 1943।
इस दिन के बारे में प्रश्न
भुवनेश्वर में 4 अक्टूबर 2021 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण त्रयोदशी 21:05 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी (सूर्योदय 05:38, भुवनेश्वर)।
4 अक्टूबर 2021 को कौन सा नक्षत्र है?
पूर्व फाल्गुनी 5 अक्टूबर 02:35 तक, फिर उत्तर फाल्गुनी। चंद्रमा सिंह राशि में 5 अक्टूबर 08:17 तक।
भुवनेश्वर में 4 अक्टूबर 2021 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 07:08–08:37, यमगण्ड 10:06–11:35, गुलिक काल 13:05–14:34।
भुवनेश्वर में 4 अक्टूबर 2021 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:38, सूर्यास्त 17:32, चंद्रोदय 03:19 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 अक्टूबर 2021 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:11–11:59, ब्रह्म मुहूर्त 04:02–04:50। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
4 अक्टूबर 2021 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
सोम प्रदोष।
भुवनेश्वर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2021आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2021मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1610° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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