पंचांग · बुधवार, 31 मार्च 2021अयोध्या

फाल्गुन · कृष्ण तृतीया · विक्रम संवत 2077संकष्टी चतुर्थी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:53सूर्योदय18:18सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण तृतीया
कृष्ण · 14:06 तक
नक्षत्र
स्वाती
09:45 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:5318:18
बुधवार · बुध
राहु काल
12:06 –13:39
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:53दिन18:18
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
भद्रा
वर्ज्य
यमगंड
गुलिक काल
दुर्मुहूर्त
राहु काल
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:18रात05:52
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
निशीथ मुहूर्त
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण तृतीया
    14:06 तक
  2. कृष्ण चतुर्थी
    11:00, 1 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. स्वातीस्वामी राहु
    09:45 तक
  2. विशाखास्वामी गुरु
    07:22, 1 अप्रैल तक
योग
  1. हर्षण
    09:58 तक
  2. वज्र
    06:14, 1 अप्रैल तक
करण
  1. विष्टि
    14:06 तक
  2. बव
    00:31, 1 अप्रैल तक
  3. बालव
    11:00, 1 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:53
बिंब मध्य 05:57
सूर्यास्त
18:18
बिंब मध्य 18:14
चंद्रोदय
21:16
चंद्रास्त
07:43
दिनमान
12h 25m
वार
बुधवार · बुध
चंद्र राशि
तुला
01:56, 1 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मीन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
फाल्गुन
पूर्णिमांत मास
चैत्र
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शिशिर
विक्रम संवत
2077
शक संवत
1942

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:20 –05:07
  • प्रातः संध्या04:44 –05:53
  • अभिजित मुहूर्त11:41 –12:30
  • विजय मुहूर्त14:10 –14:59
  • गोधूलि मुहूर्त18:18 –18:41
  • सायाह्न संध्या18:18 –19:27
  • निशीथ मुहूर्त23:42 –00:28, 1 अप्रैल
  • अमृत काल23:26 –00:53, 1 अप्रैल
इन समयों से बचें
  • राहु काल12:06 –13:39
  • यमगंड07:26 –08:59
  • गुलिक काल10:32 –12:06
  • दुर्मुहूर्त11:41 –12:30
  • वर्ज्य14:48 –16:14
  • भद्रा05:53 –14:06

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • लाभलाभ05:53 – 07:26
  • अमृतश्रेष्ठ07:26 – 08:59
  • कालहानि08:59 – 10:32
  • शुभशुभ10:32 – 12:06
  • रोगअनिष्ट12:06 – 13:39
  • उद्वेगअशुभ13:39 – 15:12
  • चरसम15:12 – 16:45
  • लाभलाभ16:45 – 18:18
रात
  • उद्वेगअशुभ18:18 – 19:45
  • शुभशुभ19:45 – 21:11
  • अमृतश्रेष्ठ21:11 – 22:38
  • चरसम22:38 – 00:05
  • रोगअनिष्ट00:05 – 01:32
  • कालहानि01:32 – 02:59
  • लाभलाभ02:59 – 04:25
  • उद्वेगअशुभ04:25 – 05:52

होरा

दिन
ग्रहसमय
बुध05:53–06:55
चन्द्र06:55–07:57
शनि07:57–08:59
गुरु08:59–10:01
मंगल10:01–11:04
सूर्य11:04–12:06
शुक्र12:06–13:08
बुध13:08–14:10
चन्द्र14:10–15:12
शनि15:12–16:14
गुरु16:14–17:16
मंगल17:16–18:18
रात
ग्रहसमय
सूर्य18:18–19:16
शुक्र19:16–20:14
बुध20:14–21:11
चन्द्र21:11–22:09
शनि22:09–23:07
गुरु23:07–00:05
मंगल00:05–01:03
सूर्य01:03–02:01
शुक्र02:01–02:59
बुध02:59–03:56
चन्द्र03:56–04:54
शनि04:54–05:52

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • स्वाती 4 पद09:45 तक
  • विशाखा 1 पद15:08 तक
  • विशाखा 2 पद20:31 तक
  • विशाखा 3 पद01:56, 1 अप्रैल तक
  • विशाखा 4 पद07:22, 1 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
उत्तरभाद्रपद 4 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
शिशिर
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 25m
रात्रिमान
11h 34m
मध्याह्न
12:06

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
तुला · 01:56, 1 अप्रैल तक
मेषवृषभसिंहतुलाधनुमकर
मीन राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
वृश्चिक · अगले सूर्योदय तक
वृषभमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
मेष राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
स्वाती · 09:45 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद
विशाखा · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
चंद्र वास
पश्चिम · 01:56, 1 अप्रैल तकउत्तर
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 14:06 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
क्रीड़ा में · 14:06 तककैलाश पर
होमाहुति
मंगल

पंचक रहित मुहूर्त

  • राज पंचक05:53 –06:37
  • अग्नि पंचक06:37 –08:13
  • शुभ मुहूर्त08:13 –09:45
  • राज पंचक09:45 –10:10
  • शुभ मुहूर्त10:10 –12:24
  • चोर पंचक12:24 –14:06
  • शुभ मुहूर्त14:06 –14:43
  • रोग पंचक14:43 –16:58
  • शुभ मुहूर्त16:58 –19:13
  • मृत्यु पंचक19:13 –21:30
  • अग्नि पंचक21:30 –23:48
  • शुभ मुहूर्त23:48 –01:53, 1 अप्रैल
  • राज पंचक01:53 –03:36, 1 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त03:36 –05:06, 1 अप्रैल
  • चोर पंचक05:06 –05:52, 1 अप्रैल

उदय लग्न

  • मीन05:10 –06:37
  • मेष06:37 –08:13
  • वृषभ08:13 –10:10
  • मिथुन10:10 –12:24
  • कर्क12:24 –14:43
  • सिंह14:43 –16:58
  • कन्या16:58 –19:13
  • तुला19:13 –21:30
  • वृश्चिक21:30 –23:48
  • धनु23:48 –01:53, 1 अप्रैल
  • मकर01:53 –03:36, 1 अप्रैल
  • कुम्भ03:36 –05:06, 1 अप्रैल
  • मीन05:06 –06:33, 1 अप्रैल

पंचांग · अयोध्या, 31 मार्च 2021

बुधवार, 31 मार्च 2021 को अयोध्या में सूर्योदय 05:53 और सूर्यास्त 18:18 पर है। तिथि कृष्ण तृतीया 14:06 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी; नक्षत्र स्वाती 09:45 तक, फिर विशाखा; योग हर्षण 09:58 तक, फिर वज्र; करण विष्टि 14:06 तक, फिर बव। चंद्रमा तुला राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 12:06–13:39, अभिजित मुहूर्त 11:41–12:30। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / फाल्गुन (अमांत), विक्रम संवत 2077, शक संवत 1942।

इस दिन के बारे में प्रश्न

अयोध्या में 31 मार्च 2021 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण तृतीया 14:06 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी (सूर्योदय 05:53, अयोध्या)।

31 मार्च 2021 को कौन सा नक्षत्र है?

स्वाती 09:45 तक, फिर विशाखा। चंद्रमा तुला राशि में 1 अप्रैल 01:56 तक।

अयोध्या में 31 मार्च 2021 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 12:06–13:39, यमगण्ड 07:26–08:59, गुलिक काल 10:32–12:06।

अयोध्या में 31 मार्च 2021 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:53, सूर्यास्त 18:18, चंद्रोदय 21:16 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

31 मार्च 2021 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:41–12:30, ब्रह्म मुहूर्त 04:20–05:07। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

31 मार्च 2021 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

संकष्टी चतुर्थी।

अयोध्या हिन्दू कैलेंडर मार्च 2021आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2021मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1539° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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