राहुकाल · वाराणसी

शनिवार, 8 अप्रैल 202305:4318:17

राहु काल

1 घं. 34 मि.
08:52 –10:26

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 34 मि.
13:35 –15:09

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 34 मि.
05:43 –07:17

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
05:43
गुलिक काल
2
07:17
—
3
08:52
राहु काल
4
10:26
—
5
12:00
—
6
13:35
यमगंड
7
15:09
—
8
16:43
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।05:43 –06:33
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।06:33 –07:24
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।19:35 –21:11
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।21:56 –05:42, 9 अप्रैल

वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

वाराणसी में 8 अप्रैल 2023 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 08:52–10:26, यमगण्ड 13:35–15:09, गुलिक काल 05:43–07:17; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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