राहुकाल · वडोदरा

सोमवार, 2 अक्टूबर 202806:2918:24

राहु काल

1 घं. 30 मि.
07:58 –09:28

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 29 मि.
10:57 –12:26

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 29 मि.
13:56 –15:25

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:29
—
2
07:58
राहु काल
3
09:28
—
4
10:57
यमगंड
5
12:26
—
6
13:56
गुलिक काल
7
15:25
—
8
16:54
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।12:50 –13:38
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।15:13 –16:01
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।05:40, 3 अक्टू॰ –07:28, 3 अक्टू॰
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।19:34 –06:29, 3 अक्टू॰

वडोदरा के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

वडोदरा में 2 अक्टूबर 2028 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 07:58–09:28, यमगण्ड 10:57–12:26, गुलिक काल 13:56–15:25; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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