राहुकाल · उदयपुर

शुक्रवार, 9 जनवरी 202607:2118:04

राहु काल

1 घं. 20 मि.
11:22 –12:42

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 20 मि.
15:23 –16:43

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 21 मि.
08:41 –10:02

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
07:21
—
2
08:41
गुलिक काल
3
10:02
—
4
11:22
राहु काल
5
12:42
—
6
14:03
—
7
15:23
यमगंड
8
16:43
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।09:29 –10:12
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।13:04 –13:47
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।22:46 –00:30, 10 जन॰
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।07:21 –19:39

उदयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

उदयपुर में 9 जनवरी 2026 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 11:22–12:42, यमगण्ड 15:23–16:43, गुलिक काल 08:41–10:02; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

राहुकाल — अन्य शहर