राहुकाल · उदयपुर

शुक्रवार, 8 मार्च 202406:5118:41

राहु काल

1 घं. 29 मि.
11:17 –12:46

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 28 मि.
15:44 –17:12

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 28 मि.
08:20 –09:48

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:51
—
2
08:20
गुलिक काल
3
09:48
—
4
11:17
राहु काल
5
12:46
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14:15
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7
15:44
यमगंड
8
17:12
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आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।09:13 –10:00
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।13:10 –13:57
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।14:13 –15:38
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।21:58 –06:50, 9 मार्च

उदयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

उदयपुर में 8 मार्च 2024 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 11:17–12:46, यमगण्ड 15:44–17:12, गुलिक काल 08:20–09:48; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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