राहुकाल · उदयपुर

शुक्रवार, 1 अप्रैल 202206:2718:51

राहु काल

1 घं. 33 मि.
11:06 –12:39

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 33 मि.
15:45 –17:18

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 33 मि.
08:00 –09:33

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:27
—
2
08:00
गुलिक काल
3
09:33
—
4
11:06
राहु काल
5
12:39
—
6
14:12
—
7
15:45
यमगंड
8
17:18
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।08:56 –09:46
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।13:04 –13:54
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।23:00 –00:39, 2 अप्रैल
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।10:40 –06:26, 2 अप्रैल

उदयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

उदयपुर में 1 अप्रैल 2022 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 11:06–12:39, यमगण्ड 15:45–17:18, गुलिक काल 08:00–09:33; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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