राहुकाल · टोरंटो

शुक्रवार, 4 जनवरी 203007:5116:54

राहु काल

1 घं. 8 मि.
11:15 –12:23

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 7 मि.
14:39 –15:46

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 8 मि.
08:59 –10:07

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
07:51
—
2
08:59
गुलिक काल
3
10:07
—
4
11:15
राहु काल
5
12:23
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6
13:31
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7
14:39
यमगंड
8
15:46
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।09:40 –10:16
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।12:41 –13:17
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।17:28 –18:59

टोरंटो के समय (UTC−5:00)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

टोरंटो में 4 जनवरी 2030 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 11:15–12:23, यमगण्ड 14:39–15:46, गुलिक काल 08:59–10:07; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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