राहुकाल · सूरत

शुक्रवार, 8 मार्च 203006:5418:46

राहु काल

1 घं. 29 मि.
11:21 –12:50

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 29 मि.
15:48 –17:17

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 29 मि.
08:23 –09:52

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:54
—
2
08:23
गुलिक काल
3
09:52
—
4
11:21
राहु काल
5
12:50
—
6
14:19
—
7
15:48
यमगंड
8
17:17
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।09:16 –10:03
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।13:13 –14:01
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।16:13 –18:00
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।06:54 –20:40
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।06:54 –17:20

सूरत के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

सूरत में 8 मार्च 2030 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 11:21–12:50, यमगण्ड 15:48–17:17, गुलिक काल 08:23–09:52; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

राहुकाल — अन्य शहर