राहुकाल · सूरत

मंगलवार, 4 दिसंबर 202907:0117:56

राहु काल

1 घं. 21 मि.
15:13 –16:34

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 22 मि.
09:45 –11:07

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 22 मि.
12:29 –13:51

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
07:01
—
2
08:23
—
3
09:45
यमगंड
4
11:07
—
5
12:29
गुलिक काल
6
13:51
—
7
15:13
राहु काल
8
16:34
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।09:12 –09:56
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।23:11 –00:03, 5 दिस॰
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।22:06 –23:31
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।07:01 –13:31

सूरत के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

सूरत में 4 दिसंबर 2029 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 15:13–16:34, यमगण्ड 09:45–11:07, गुलिक काल 12:29–13:51; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

राहुकाल — अन्य शहर