राहुकाल · श्रीनगर

मंगलवार, 6 जनवरी 202607:3717:36

राहु काल

1 घं. 15 मि.
15:06 –16:21

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 15 मि.
10:07 –11:22

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 15 मि.
12:37 –13:52

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
07:37
—
2
08:52
—
3
10:07
यमगंड
4
11:22
—
5
12:37
गुलिक काल
6
13:52
—
7
15:06
राहु काल
8
16:21
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।09:37 –10:17
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।23:13 –00:09, 7 जन॰
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।00:07, 7 जन॰ –01:41, 7 जन॰
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।07:37 –12:17
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।12:17 –07:37, 7 जन॰
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।07:37 –08:02

श्रीनगर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

श्रीनगर में 6 जनवरी 2026 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 15:06–16:21, यमगण्ड 10:07–11:22, गुलिक काल 12:37–13:52; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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