राहुकाल · श्रीनगर

सोमवार, 5 जनवरी 202607:3717:35

राहु काल

1 घं. 15 मि.
08:52 –10:07

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 15 मि.
11:21 –12:36

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 15 मि.
13:51 –15:06

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

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07:37
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2
08:52
राहु काल
3
10:07
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4
11:21
यमगंड
5
12:36
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6
13:51
गुलिक काल
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15:06
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16:21
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आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।12:56 –13:36
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।14:56 –15:36
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।01:37, 6 जन॰ –03:08, 6 जन॰
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।13:24 –07:37, 6 जन॰
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।20:54 –07:37, 6 जन॰

श्रीनगर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

श्रीनगर में 5 जनवरी 2026 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 08:52–10:07, यमगण्ड 11:21–12:36, गुलिक काल 13:51–15:06; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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