राहुकाल · श्रीनगर

मंगलवार, 5 मार्च 202406:5418:31

राहु काल

1 घं. 27 मि.
15:37 –17:04

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 27 मि.
09:48 –11:15

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 27 मि.
12:42 –14:09

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:54
—
2
08:21
—
3
09:48
यमगंड
4
11:15
—
5
12:42
गुलिक काल
6
14:09
—
7
15:37
राहु काल
8
17:04
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।09:14 –10:00
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।23:28 –00:17, 6 मार्च
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।14:25 –16:00
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।01:08, 6 मार्च –02:40, 6 मार्च
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।06:54 –16:00
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।19:23 –06:31, 6 मार्च

श्रीनगर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

श्रीनगर में 5 मार्च 2024 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 15:37–17:04, यमगण्ड 09:48–11:15, गुलिक काल 12:42–14:09; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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