राहुकाल · श्रीनगर

गुरुवार, 2 मार्च 202306:5918:27

राहु काल

1 घं. 26 मि.
14:09 –15:35

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 26 मि.
06:59 –08:25

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 26 मि.
09:51 –11:17

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:59
यमगंड
2
08:25
—
3
09:51
गुलिक काल
4
11:17
—
5
12:43
—
6
14:09
राहु काल
7
15:35
—
8
17:01
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।10:49 –11:34
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।15:24 –16:10
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।02:13, 3 मार्च –04:01, 3 मार्च
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।19:55 –06:58, 3 मार्च

श्रीनगर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

श्रीनगर में 2 मार्च 2023 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 14:09–15:35, यमगण्ड 06:59–08:25, गुलिक काल 09:51–11:17; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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