राहुकाल · राँची

सोमवार, 7 जनवरी 203006:3217:18

राहु काल

1 घं. 20 मि.
07:53 –09:13

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 21 मि.
10:34 –11:55

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 21 मि.
13:16 –14:37

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

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06:32
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2
07:53
राहु काल
3
09:13
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4
10:34
यमगंड
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11:55
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6
13:16
गुलिक काल
7
14:37
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8
15:57
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आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।12:17 –13:00
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।14:26 –15:09
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।01:53, 8 जन॰ –03:32, 8 जन॰
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।15:10 –03:06, 8 जन॰

राँची के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राँची में 7 जनवरी 2030 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 07:53–09:13, यमगण्ड 10:34–11:55, गुलिक काल 13:16–14:37; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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