राहुकाल · पुरी

गुरुवार, 3 फ़रवरी 202806:2117:40

राहु काल

1 घं. 25 मि.
13:25 –14:50

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 25 मि.
06:21 –07:46

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 25 मि.
09:11 –10:36

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:21
यमगंड
2
07:46
—
3
09:11
गुलिक काल
4
10:36
—
5
12:00
—
6
13:25
राहु काल
7
14:50
—
8
16:15
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।10:07 –10:53
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।14:39 –15:24
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।07:22 –09:05
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।21:39 –23:19
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।06:21 –11:39
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।12:21 –00:40, 4 फ़र॰

पुरी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

पुरी में 3 फ़रवरी 2028 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 13:25–14:50, यमगण्ड 06:21–07:46, गुलिक काल 09:11–10:36; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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