राहुकाल · नासिक

शनिवार, 4 फ़रवरी 202307:0918:28

राहु काल

1 घं. 25 मि.
09:59 –11:24

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 24 मि.
14:14 –15:38

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 25 मि.
07:09 –08:34

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
07:09
गुलिक काल
2
08:34
—
3
09:59
राहु काल
4
11:24
—
5
12:49
—
6
14:14
यमगंड
7
15:38
—
8
17:03
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।07:09 –07:55
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।07:55 –08:40
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।18:15 –20:03
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।21:30 –07:09, 5 फ़र॰

नासिक के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

नासिक में 4 फ़रवरी 2023 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 09:59–11:24, यमगण्ड 14:14–15:38, गुलिक काल 07:09–08:34; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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