राहुकाल · मैसूरु

मंगलवार, 29 सितंबर 202606:1318:15

राहु काल

1 घं. 31 मि.
15:14 –16:45

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 30 मि.
09:13 –10:43

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 30 मि.
12:14 –13:44

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:13
—
2
07:43
—
3
09:13
यमगंड
4
10:43
—
5
12:14
गुलिक काल
6
13:44
—
7
15:14
राहु काल
8
16:45
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।08:37 –09:25
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।23:02 –23:50
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।05:15 –06:46
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।18:04 –19:35
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।06:13 –09:03
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।06:14 –17:10

मैसूरु के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

मैसूरु में 29 सितंबर 2026 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 15:14–16:45, यमगण्ड 09:13–10:43, गुलिक काल 12:14–13:44; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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