राहुकाल · लखनऊ

सोमवार, 3 फ़रवरी 203106:5117:49

राहु काल

1 घं. 22 मि.
08:13 –09:35

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 22 मि.
10:58 –12:20

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 23 मि.
13:42 –15:05

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:51
—
2
08:13
राहु काल
3
09:35
—
4
10:58
यमगंड
5
12:20
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6
13:42
गुलिक काल
7
15:05
—
8
16:27
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।12:42 –13:26
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।14:54 –15:38
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।05:12, 4 फ़र॰ –07:00, 4 फ़र॰
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।06:51 –09:57

लखनऊ के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

लखनऊ में 3 फ़रवरी 2031 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 08:13–09:35, यमगण्ड 10:58–12:20, गुलिक काल 13:42–15:05; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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