राहुकाल · लखनऊ

शनिवार, 1 अगस्त 202605:3118:54

राहु काल

1 घं. 40 मि.
08:52 –10:32

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 40 मि.
13:53 –15:33

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 40 मि.
05:31 –07:11

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
05:31
गुलिक काल
2
07:11
—
3
08:52
राहु काल
4
10:32
—
5
12:12
—
6
13:53
यमगंड
7
15:33
—
8
17:14
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।05:31 –06:24
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।06:24 –07:18
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।03:23, 2 अग॰ –05:02, 2 अग॰
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।10:53 –23:07

लखनऊ के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

लखनऊ में 1 अगस्त 2026 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 08:52–10:32, यमगण्ड 13:53–15:33, गुलिक काल 05:31–07:11; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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