राहुकाल · लखनऊ

सोमवार, 4 अगस्त 202505:3218:52

राहु काल

1 घं. 40 मि.
07:12 –08:52

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 40 मि.
10:32 –12:12

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 40 मि.
13:52 –15:32

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
05:32
—
2
07:12
राहु काल
3
08:52
—
4
10:32
यमगंड
5
12:12
—
6
13:52
गुलिक काल
7
15:32
—
8
17:12
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।12:39 –13:32
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।15:19 –16:12
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।15:18 –17:03
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।09:12 –05:33, 5 अग॰
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।00:31, 5 अग॰ –05:33, 5 अग॰

लखनऊ के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

लखनऊ में 4 अगस्त 2025 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 07:12–08:52, यमगण्ड 10:32–12:12, गुलिक काल 13:52–15:32; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

राहुकाल — अन्य शहर