राहुकाल · कोलकाता

सोमवार, 4 अक्टूबर 202705:2917:22

राहु काल

1 घं. 29 मि.
06:58 –08:27

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 29 मि.
09:56 –11:25

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 29 मि.
12:54 –14:23

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

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06:58
राहु काल
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08:27
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यमगंड
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गुलिक काल
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14:23
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आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।11:49 –12:37
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।14:12 –14:59
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।04:07 –05:46
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।00:43, 5 अक्टू॰ –05:29, 5 अक्टू॰

कोलकाता के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

कोलकाता में 4 अक्टूबर 2027 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 06:58–08:27, यमगण्ड 09:56–11:25, गुलिक काल 12:54–14:23; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

राहुकाल — अन्य शहर