राहुकाल · कोच्चि

शुक्रवार, 9 अगस्त 203006:1618:45

राहु काल

1 घं. 33 मि.
10:57 –12:30

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 34 मि.
15:38 –17:12

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 34 मि.
07:49 –09:23

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:16
—
2
07:49
गुलिक काल
3
09:23
—
4
10:57
राहु काल
5
12:30
—
6
14:04
—
7
15:38
यमगंड
8
17:12
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।08:46 –09:36
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।12:55 –13:45
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।06:16 –17:38
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।17:38 –06:16, 10 अग॰
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।15:17 –02:00, 10 अग॰

कोच्चि के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

कोच्चि में 9 अगस्त 2030 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 10:57–12:30, यमगण्ड 15:38–17:12, गुलिक काल 07:49–09:23; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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