राहुकाल · जम्मू

बुधवार, 2 जनवरी 203007:3317:36

राहु काल

1 घं. 15 मि.
12:35 –13:50

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 16 मि.
08:48 –10:04

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 16 मि.
11:19 –12:35

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
07:33
—
2
08:48
यमगंड
3
10:04
—
4
11:19
गुलिक काल
5
12:35
राहु काल
6
13:50
—
7
15:05
—
8
16:21
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।12:14 –12:55
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।07:09 –08:37
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।07:33 –23:57
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।23:57 –07:33, 3 जन॰
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।13:34 –00:11, 3 जन॰

जम्मू के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

जम्मू में 2 जनवरी 2030 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 12:35–13:50, यमगण्ड 08:48–10:04, गुलिक काल 11:19–12:35; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

राहुकाल — अन्य शहर