राहुकाल · जयपुर

शुक्रवार, 4 अप्रैल 202506:1418:46

राहु काल

1 घं. 34 मि.
10:56 –12:30

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 34 मि.
15:38 –17:12

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 34 मि.
07:48 –09:22

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:14
—
2
07:48
गुलिक काल
3
09:22
—
4
10:56
राहु काल
5
12:30
—
6
14:04
—
7
15:38
यमगंड
8
17:12
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।08:45 –09:35
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।12:55 –13:45
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।14:04 –15:38
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।20:13 –06:13, 5 अप्रैल

जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

जयपुर में 4 अप्रैल 2025 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 10:56–12:30, यमगण्ड 15:38–17:12, गुलिक काल 07:48–09:22; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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