राहुकाल · जयपुर

गुरुवार, 4 मई 202305:4719:01

राहु काल

1 घं. 39 मि.
14:03 –15:42

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 39 मि.
05:47 –07:26

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 40 मि.
09:05 –10:45

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
05:47
यमगंड
2
07:26
—
3
09:05
गुलिक काल
4
10:45
—
5
12:24
—
6
14:03
राहु काल
7
15:42
—
8
17:22
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।10:11 –11:04
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।15:29 –16:22
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।05:09 –06:48
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।03:12, 5 मई –04:48, 5 मई
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।23:44 –05:46, 5 मई

जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

जयपुर में 4 मई 2023 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 14:03–15:42, यमगण्ड 05:47–07:26, गुलिक काल 09:05–10:45; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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