राहुकाल · जयपुर

शनिवार, 2 जुलाई 202205:3719:25

राहु काल

1 घं. 43 मि.
09:04 –10:47

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 44 मि.
14:14 –15:58

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 43 मि.
05:37 –07:20

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
05:37
गुलिक काल
2
07:20
—
3
09:04
राहु काल
4
10:47
—
5
12:31
—
6
14:14
यमगंड
7
15:58
—
8
17:41
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।05:37 –06:32
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।06:32 –07:27
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।18:06 –19:52
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।05:37 –05:37, 3 जुल॰
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।04:15, 3 जुल॰ –05:37, 3 जुल॰

जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

जयपुर में 2 जुलाई 2022 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 09:04–10:47, यमगण्ड 14:14–15:58, गुलिक काल 05:37–07:20; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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