राहुकाल · हरिद्वार

मंगलवार, 4 दिसंबर 202906:5817:17

राहु काल

1 घं. 18 मि.
14:42 –16:00

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 17 मि.
09:33 –10:50

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 18 मि.
12:07 –13:25

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:58
—
2
08:15
—
3
09:33
यमगंड
4
10:50
—
5
12:07
गुलिक काल
6
13:25
—
7
14:42
राहु काल
8
16:00
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।09:02 –09:43
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।22:46 –23:40
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।22:06 –23:31
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।06:58 –13:31

हरिद्वार के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

हरिद्वार में 4 दिसंबर 2029 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 14:42–16:00, यमगण्ड 09:33–10:50, गुलिक काल 12:07–13:25; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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