राहुकाल · हरिद्वार

सोमवार, 5 अप्रैल 202706:0318:38

राहु काल

1 घं. 35 मि.
07:37 –09:12

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 34 मि.
10:46 –12:20

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 34 मि.
13:55 –15:29

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:03
—
2
07:37
राहु काल
3
09:12
—
4
10:46
यमगंड
5
12:20
—
6
13:55
गुलिक काल
7
15:29
—
8
17:04
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।12:46 –13:36
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।15:17 –16:07
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।03:37, 6 अप्रैल –05:15, 6 अप्रैल
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।06:03 –17:37

हरिद्वार के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

हरिद्वार में 5 अप्रैल 2027 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 07:37–09:12, यमगण्ड 10:46–12:20, गुलिक काल 13:55–15:29; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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