राहुकाल · हरिद्वार

गुरुवार, 1 अप्रैल 202706:0718:36

राहु काल

1 घं. 34 मि.
13:55 –15:29

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 34 मि.
06:07 –07:41

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 34 मि.
09:14 –10:48

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:07
यमगंड
2
07:41
—
3
09:14
गुलिक काल
4
10:48
—
5
12:22
—
6
13:55
राहु काल
7
15:29
—
8
17:02
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।10:17 –11:07
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।15:16 –16:06
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।13:53 –15:41
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।11:33 –00:45, 2 अप्रैल

हरिद्वार के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

हरिद्वार में 1 अप्रैल 2027 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 13:55–15:29, यमगण्ड 06:07–07:41, गुलिक काल 09:14–10:48; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

राहुकाल — अन्य शहर