राहुकाल · हरिद्वार

गुरुवार, 4 फ़रवरी 202707:0617:57

राहु काल

1 घं. 21 मि.
13:53 –15:14

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 21 मि.
07:06 –08:27

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 21 मि.
09:49 –11:10

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
07:06
यमगंड
2
08:27
—
3
09:49
गुलिक काल
4
11:10
—
5
12:31
—
6
13:53
राहु काल
7
15:14
—
8
16:35
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।10:43 –11:26
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।15:03 –15:47
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।00:32, 5 फ़र॰ –02:20, 5 फ़र॰
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।16:31 –05:50, 5 फ़र॰

हरिद्वार के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

हरिद्वार में 4 फ़रवरी 2027 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 13:53–15:14, यमगण्ड 07:06–08:27, गुलिक काल 09:49–11:10; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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