राहुकाल · दुबई

मंगलवार, 4 अगस्त 202605:4819:02

राहु काल

1 घं. 39 मि.
15:44 –17:23

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 40 मि.
09:06 –10:46

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 39 मि.
12:25 –14:04

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
05:48
—
2
07:27
—
3
09:06
यमगंड
4
10:46
—
5
12:25
गुलिक काल
6
14:04
—
7
15:44
राहु काल
8
17:23
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।08:26 –09:19
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।23:21 –00:04, 5 अग॰
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।08:27 –10:02
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।05:48 –20:24
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।20:24 –05:48, 5 अग॰
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।20:33 –05:48, 5 अग॰

दुबई के समय (UTC+4:00)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

दुबई में 4 अगस्त 2026 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 15:44–17:23, यमगण्ड 09:06–10:46, गुलिक काल 12:25–14:04; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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