राहुकाल · भुवनेश्वर

गुरुवार, 4 मई 202805:1518:12

राहु काल

1 घं. 37 मि.
13:21 –14:58

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 37 मि.
05:15 –06:52

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 38 मि.
08:29 –10:07

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
05:15
यमगंड
2
06:52
—
3
08:29
गुलिक काल
4
10:07
—
5
11:44
—
6
13:21
राहु काल
7
14:58
—
8
16:35
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।09:34 –10:26
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।14:45 –15:37
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।10:13 –11:42
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।00:54, 5 मई –05:15, 5 मई

भुवनेश्वर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

भुवनेश्वर में 4 मई 2028 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 13:21–14:58, यमगण्ड 05:15–06:52, गुलिक काल 08:29–10:07; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

राहुकाल — अन्य शहर