राहुकाल · भुवनेश्वर

शुक्रवार, 9 अक्टूबर 202605:4017:28

राहु काल

1 घं. 29 मि.
10:05 –11:34

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 29 मि.
14:31 –16:00

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 29 मि.
07:08 –08:37

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
05:40
—
2
07:08
गुलिक काल
3
08:37
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4
10:05
राहु काल
5
11:34
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6
13:02
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7
14:31
यमगंड
8
16:00
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।08:01 –08:49
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।11:58 –12:45
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।04:32 –06:08
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।05:40 –09:53

भुवनेश्वर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

भुवनेश्वर में 9 अक्टूबर 2026 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 10:05–11:34, यमगण्ड 14:31–16:00, गुलिक काल 07:08–08:37; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

राहुकाल — अन्य शहर