पंचक रहित मुहूर्त · वाराणसी

मंगलवार, 1 अप्रैल 203105:5018:14

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • राज पंचक05:50 –06:33
  • अग्नि पंचक06:33 –08:11
  • शुभ मुहूर्त08:11 –10:08
  • राज पंचक10:08 –12:22
  • शुभ मुहूर्त12:22 –14:40
  • चोर पंचक14:40 –16:54
  • शुभ मुहूर्त16:54 –17:21
  • रोग पंचक17:21 –19:07
  • शुभ मुहूर्त19:07 –21:23
  • मृत्यु पंचक21:23 –21:34
  • अग्नि पंचक21:34 –23:40
  • शुभ मुहूर्त23:40 –01:45, 2 अप्रैल
  • राज पंचक01:45, 2 अप्रैल –03:30, 2 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त03:30, 2 अप्रैल –05:00, 2 अप्रैल
  • चोर पंचक05:00, 2 अप्रैल –05:49, 2 अप्रैल

वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

वाराणसी में 1 अप्रैल 2031 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 05:50, सूर्यास्त 18:14।

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