पंचक रहित मुहूर्त · वाराणसी

सोमवार, 22 अप्रैल 203005:3018:24

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • चोर पंचक05:30 –06:48
  • शुभ मुहूर्त06:48 –08:45
  • रोग पंचक08:45 –10:59
  • शुभ मुहूर्त10:59 –13:16
  • मृत्यु पंचक13:16 –15:30
  • अग्नि पंचक15:30 –16:23
  • शुभ मुहूर्त16:23 –17:43
  • राज पंचक17:43 –20:00
  • शुभ मुहूर्त20:00 –22:17
  • चोर पंचक22:17 –00:21, 23 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त00:21, 23 अप्रैल –01:13, 23 अप्रैल
  • रोग पंचक01:13, 23 अप्रैल –02:06, 23 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त02:06, 23 अप्रैल –03:37, 23 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक03:37, 23 अप्रैल –05:05, 23 अप्रैल
  • रोग पंचक05:05, 23 अप्रैल –05:29, 23 अप्रैल

वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

वाराणसी में 22 अप्रैल 2030 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 05:30, सूर्यास्त 18:24।

पंचक रहित मुहूर्त — अन्य शहर