पंचक रहित मुहूर्त · तिरुपति

रविवार, 4 अगस्त 203005:5818:39

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • शुभ मुहूर्त05:58 –06:54
  • चोर पंचक06:54 –08:58
  • शुभ मुहूर्त08:58 –11:00
  • रोग पंचक11:00 –13:07
  • शुभ मुहूर्त13:07 –14:26
  • मृत्यु पंचक14:26 –15:19
  • अग्नि पंचक15:19 –17:26
  • शुभ मुहूर्त17:26 –19:19
  • राज पंचक19:19 –21:00
  • शुभ मुहूर्त21:00 –00:11, 5 अग॰
  • राज पंचक00:11, 5 अग॰ –00:27, 5 अग॰
  • शुभ मुहूर्त00:27, 5 अग॰ –02:29, 5 अग॰
  • चोर पंचक02:29, 5 अग॰ –04:41, 5 अग॰
  • शुभ मुहूर्त04:41, 5 अग॰ –05:58, 5 अग॰

तिरुपति के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

तिरुपति में 4 अगस्त 2030 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 05:58, सूर्यास्त 18:39।

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